Friday, 20 April 2018

सद्विचार

न्याय के साथ विकास और सुशासन ही
देश को महान बनाता है।
वही मेरा सच्चा दोस्त है जो उक्त विचार
के साथ मुझे अपनाता है।

दुनिया चाहे मुझे धोखेबाज कहे
पर मैं वही करता हूँ जो मुझे भाता है।
मैं उसे साथ देता हूँ तभी तक
जबतक वह सद्विचार अपनाता है।

मेरा स्थायित्व तभी संभव है
जब कोई खरा उतर आता है।
कुविचार जब उपजता है उसके मन में
मेरा मन किसी और को अपनाता है।

।। श्री परमात्मने नमः।।

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