Monday, 16 April 2018

माया

यह जग है एक सपना यारो, माया ही है माया
रिश्तों के उजालों में देखो हर आदमी ही है साया
यहाँ कोई नहीं है अपना यारो जगत है पराया
इंसान भटकता गली-गली, है ऐसा युग आया
कौन सुनेगा किसे सुनाऊँ? रावण के इतिहास को
क्या बतलाऊँ राम को, किसने है मार गिराया?
।। श्री परमात्मने नमः।।

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