Friday, 25 May 2018

सरोकार

भगवान का स्मरण हम ऐसे करें जैसे प्यास से व्याकुल मनुष्य जल का स्मरण करता है! भूख से सताया हुआ मनुष्य जैसे भोजन का स्मरण करता है! घर भूला हुआ मनुष्य जैसे घर का स्मरण करता है! थका हुआ मनुष्य जैसे विश्रामका स्मरण करता है! भय से कातर मनुष्य जैसे शरण देने वाले का स्मरण करता है! डूबता हुआ मनुष्य जैसे जीवन रक्षा का स्मरण करता है! दम घुटने पर मनुष्य जैसे वायु का स्मरण करता है! परीक्षार्थी परीक्षा के समय जैसे विषय का स्मरण करता है! हे मेरे मालिक तेरा सुमिरन ही मेरा सहायक बने!
।। श्री परमात्मने नमः।।

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