अवचेतन मन की शक्तियां हमें तभी समझ में आ सकतीं हैं जब हम अध्यात्म को समझ सकेंगे! अध्यात्म का अर्थ है अपने भीतर के चेतन तत्व को जानना, मानना और दर्शन करना अर्थात् अपने आप के बारे में जानना या आत्मप्रज्ञ होना! हम बेशकीमती हीरे हैं किन्तु हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि सामने वाला हमारी कीमत अपनी सामर्थ्य और अपनी जानकारी के अनुसार ही लगायेगा!
।। श्री परमात्मने नमः।।
No comments:
Post a Comment