Thursday, 10 May 2018

नींद-प्रार्थना

हमारा चेतन मन दिन भर चिंताओं, संघर्ष और विवादों में उलझा रहता है! इसे समय-समय पर इंद्रियों के प्रमाण और यथार्थवादी जगत से दूर हटने तथा अवचेतन मन की आंतरिक बुद्धिमत्ता से मौन संप्रेषण करने की जरूरत होती है! हम मार्गदर्शन, शक्ति और अधिक ज्ञान का दावा करके जीवन के हर क्षेत्र की हर मुश्किल से उबरने में कामयाब हो सकते हैं! बस इसके लिए हमें इन्द्रिय प्रमाण और रोजमर्रा के शोर-शराबे व दुविधा से नियमित रूप से हटना होगा! हटते समय हम इंद्रियों की दुनिया के लिए सोए होते हैं और अपने अवचेतन मन की बुद्धिमत्ता तथा शक्ति के लिए जाग्रत होते हैं! यह भी एक प्रकार का नींद ही है जिसे प्रार्थना भी कहा जाता है!
।। श्री परमात्मने नमः।।

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