Saturday, 19 May 2018

भावना

हमने अपने भीतर जो भी भावनाएं संजोये हैं हमारा जीवन उसी का प्रतिबिंब है! यह हमेशा हमारे नियंत्रण में होता है कि हम अपने भीतर कैसी भावनाएं रखते हैं! अवचेतन मन की शक्तियां ही हमारे भीतर की भावना प्रर्दशित करती हैं!
।। श्री परमात्मने नमः।।

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