Monday, 14 May 2018

भविष्य

हम ग्रामीण-परिवेश में ही क्यों न हों! ईश्वर कभी किसी का भविष्य नहीं लिखता! वह क्यों किसी के लिय सुख या दुःख का निर्माण करेगा! वह तो केवल हमारे कर्मों के अनुसार फल देने का कार्य ही करता है! कर्म करने के लिए हम स्वतंत्र हैं! आज की प्राप्ति भूतकाल के कर्म का परिणाम है और वर्तमान में किया कर्म भविष्य में परिणामस्वरूप समक्ष आयेगा!
।। श्री परमात्मने नमः।।

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