Saturday, 1 April 2017

इष्टदेव

सदा रहे सेवा विनय, मान बड़ाई त्याग |
राम-नाम का काम हो, राम-भक्ति अनुराग ||
बार-बार नमस्कार तुझे, धरणी पर सिर टेक |
राम-राम श्री राम जी, इष्ट देव हैं एक ||

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