Saturday, 15 April 2017

आत्मबोध

हम सबके भीतर आत्मा के रूप में परमात्मा ही वास करता है जो हमें प्रतिक्षण सरल एवं मधुर शब्दों द्वारा राह दिखलाता रहता है भले ही हममें सुनने का धैर्य ही न हो, हम उसकी कही बात को सुनते ही न हों। परिणामत: हम बारंबार अपनी गलतियों को दोहराते रहते हैं और दु:ख पाते रहते हैं। हमें परमात्मा के आज्ञा पालन को विकसित करना चाहिए तभी परमात्मा गुरु बनकर हमारा मार्गदर्शन करने का दायित्व लेगा।
।।श्री परमात्मने नमः।।

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