माँ से ही सारे सृष्टि का निर्माण होता है। हम सभी जानते हैं कि बिना माँ के इस संसार में कोई आ ही नहीं सकता। जहाँ मातृरूपेण शक्ति विराजमान होती है वहाँ पालन-पोषण बहुत आराम से होता है। माँ शिशु को जन्म देती है, उसका पालन-पोषण करती है जब उसका कोई सहारा नहीं होता तो दूध पिलाती है और उस शिशु के वाणी का पहला शब्द भी तो ‘माँ’ ही है उसको भी तो माँ ही प्रदान करती है इसलिये *माँ* वह शक्ति है जिसमें ब्रह्मा भी हैं, विष्णु भी हैं और शिव भी हैं।
।।श्री परमात्मने नमः।।
No comments:
Post a Comment