चलूं चलूं पूजन करे चैत के महीनमा से उठु-उठु ना,
अइलन मैया मोर दुयरिया से उठु उठु ना...
नाहीं हकै अक्षत चंदन, नाहीं मिसटनमा से किये देवन ना,
अइलन मैया मोर अंगनमा से किये देवन ना.
काम,क्रोध,लोभ,मोह,मद,मत्सरबा से त्यागी दिहो ना,
मैया देथिन तब दरशनमा से त्यागी दिहो ना.
नाहीं जानूं पूजा-पाठ नाहीं धरूँ ध्यनमा से कैसे देथिन ना,
मैया अपन दरसनमा से कैसे देथिन ना..
धरूँ धरूँ धरूँ सबमिल सेवा के बरतबा से खुश होथिन ना,
सुनला मैया के उपदेशवा से खुश होथिन ना.
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