यदि राजा निर्बल हो तो उसे शत्रु के साथ नम्रता का सहारा लेना चाहिए क्योंकि नम्रता का सहारा लेकर बड़ी से बड़ी मुश्किलों से भी पार पाया जा सकता है। ।।श्री परमात्मने नमः।।
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