Wednesday, 19 April 2017

मानवता का सच्चा सेवक

जो अपने अद्वितीय कर्मों के बल पर संसार में मानवता का मार्ग प्रशस्त करता है, मानव कल्याण के लिए आजीवन कार्यरत रहता है, दु:खी और पीड़ित मनुष्य को देखकर अत्यंत द्रवित हो उसकी सेवा और सहयोग करने के साथ-साथ उसका कष्ट निवारण करने में जुटा रहता है वही आध्यात्मिक चिंतक, उत्कृष्ट वाणीकार, श्रेष्ठ संगठनकर्ता और मानवतावाद​ का प्रबल पक्षधर हो सकता है।
।।श्री परमात्मने नमः।।

No comments:

Post a Comment