Sunday, 31 December 2017

नया साल

नया साल आया, नया साल आया!
नई-नई खुशियों से भरा थाल लाया!!
भगवान करे आपकी और आपसे संसर्गित सारे  प्रेमी-जनों की उन्नति दिन दूनी रात चौगुनी हो।
।। श्री परमात्मने नमः।।

Saturday, 30 December 2017

निर्णय

ग्राम-कचहरी केनार, अंचल सरमेरा, जिला नालंदा द्वारा दिवानी वाद संख्या 06/2017, तिथि 21/12/2017 का निर्णय 24/12/2017 को दिया गया जिसमें वर्णन है कि प्रतिवादी 1,00,000/- रु. वादी को दिनांक 25/02/2017 तक चुकता कर देगा जिसका वर्णन नीचे के फोटो में पंक्ति 12 के अंत में देखा जा सकता है। अब प्रश्न उठता है कि वाद की तिथि से पूर्व ही देनदारी की तिथि निर्धारित क्यों की गई है? देनदारी की तिथि निर्धारित जो की गई है उसमें वादी और प्रतिवादी का कोई दोष नहीं है क्योंकि उनदोनों से पहले हस्ताक्षर करवा लिया गया है तब पढ़कर सुनाया गया है । वाह रे उक्त कचहरी के सरपंच, वकील, पंच और सरपंच के सचिव...? धन्य हो बिहार! आगे बढ़ता बिहार!!
।। श्री परमात्मने नमः।।

Friday, 29 December 2017

निर्माण

किसी भी विदेशी ने हमें अपनी ताकत से नहीं बल्कि हमारी आपसी फूट के कारण गुलाम बनाया है। आज समाज तोड़ने वाली शक्तियां पूर्वकाल से ज्यादा सक्रिय हैं और उन्हें परास्त कर हमें सारे समाज को परम वैभव तक ले जाना है। सारा समाज मेरा अपना है- यह भाव जगाकर समाज रूपी ईश्वर की आराधना करनी होगी और इस भाव को वैयक्तिक, पारिवारिक, सामाजिक, व्यावसायिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में व्यावहारिक रूप में स्थापित करना होगा। हमें प्रत्येक व्यक्ति को संस्कारित करना पड़ेगा और भारत को एकता के सूत्र में पिरोने और स्वतंत्र रखने के लिए देश के लिए जीने-मरने वाले समाज का निर्माण करना होगा।

Thursday, 28 December 2017

शिक्षा

राज्य-सरकार का मूल संकल्प राज्य का सर्वांगीण विकास है जिसके अंतर्गत 'न्याय के साथ विकास की नीति' सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। बिहार के चौतरफा विकास की गारंटी का जिक्र करते हुए राज्य-सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास की समरूपता के लिए प्रतिबद्ध है किंतु यह क्या एक ओर जहाँ माननीय मुख्यमंत्री के गृह जिला नालंदा स्थित किसी विद्यालय में मात्र 16 विद्यार्थी नामांकित हैं और वहाँ शिक्षकों की संख्या 5 है तो दूसरी ओर किसी विद्यालय में नामांकित बच्चों की संख्या 370 +100 (राजकीय मध्य विद्यालय गोपालबाद+कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय) है जबकि शिक्षकों की संख्या मात्र 5 है जिसे 10 कमरों में पढ़ाई जाती है। ऐसे में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता 'न्याय के साथ विकास' का प्रतिफलन किस रूप में संभव है, आप अंदाजा लगा सकते हैं।
।। श्री परमात्मने नमः।।

Wednesday, 27 December 2017

बदलाव की बयार

ग्रामीण-परिवेश में भी बहनी चाहिए
बदलाव की नई बयार........!
जनता भी कटिबद्ध हों बिहार-सरकार के साथ
तभी समृद्ध होगा हमारा बिहार...!!
।। श्री परमात्मने नमः।।

Tuesday, 26 December 2017

आदमी

रास्ते में खो गया है आदमी
आदमी को ढूंढता है आदमी
कौन जाने किस हवा में उड़ गया,
एक मुट्ठी धूल-सा है आदमी
एक लम्हा रोशनी के साये में
किस कदर काला हुआ है आदमी
पाँव के नीचे सदा बिछता रहा
टुकड़ों-टुकड़ों में जिया है आदमी
हर तरफ़ तन्हाइयों के शोर में
डुबकियाँ लेता रहा है आदमी
रात दिन चर्चा हुई इसकी बहुत
एक बिगड़े रोग-सा है आदमी
जब भी हमने आँख भर देखा उसे
आँख में ही रह गया है आदमी
।। श्री परमात्मने नमः।।

Monday, 25 December 2017

सच्चाई

न ले सच्चाइयों का नाम प्यारे
गोपालबाद बस्ती है बहुत बदनाम प्यारे
यहाँ जनता मुसीबत कूटती है
बड़ी मुश्किल में है यह गाँव प्यारे
मैं आना चाहता था रोशनी में
मगर मैं हो गया गुमनाम प्यारे
चुराकर ले गया बुलेरो गाड़ी गाँव से
पुलिस-प्रशासन कर रही आराम प्यारे
लुटेरे गश्त करते हैं सड़क पर
व्यवस्था पंगु आठो-याम प्यारे
जिसे शैतान सुनकर कांप जाये
किया वो रक्षकों ने काम प्यारे
कठिन अब हो गई है
कस्तूरबा के बच्चियों की लाज बचाना
पराजित हो न जाये कहीं
जन-प्रतिनिधियों का नाम प्यारे
।। श्री परमात्मने नमः।।

Sunday, 24 December 2017

डीएम नालंदा से शिकायत

आज सुबह मैंने नालंदा डीएम के पेज पर एक शिकायत संप्रेषित किया है। देखिए उक्त संप्रेषित शिकायत पर कब पहल की जाती है? सामाजिक समरसता भी अध्यात्म के अंतर्गत ही आता है। शिकायत इसप्रकार है-->
प्रणाम सर जी!
                    गोपालबाद सरमेरा प्रखंड स्थित आवासीय कस्तूरबा बालिका विद्यालय के परिसर में विद्यालयीय पठन-पाठन के बाद शाम में उक्त ग्रामीण बच्चे खेलते हैं और आवासीय कस्तूरबा बालिका विद्यालय के बच्चियों के साथ अमानवीय और अभद्रतापूर्ण व्यवहार करते हैं। वहाँ कार्यरत गार्ड डर से कुछ बोल नहीं पाते हैं। केनार पंचायत के जनप्रतिनिधियों को तो इसपर पहल करनी चाहिए थी लेकिन पता नहीं वेसब भी उन उच्चकों से डरते होंगे।
                       अतः श्री मान् से आग्रह किया जाता है कि इसपर यथाशीघ्र पहल करने की कोशिश की जाय ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनहोनी घटनाओं से बचा जा सके।
                        आपका विश्वासी
                        दिवाकर प्रसाद
                         गोपालबाद

Saturday, 23 December 2017

कौन

झाँक रहे हैं इधर उधर सब अपने अंदर झांके  कौन ?
ढूँढ रहे दुनियाँ में कमियां, अपने मन में ताके कौन ?
दुनियाँ सुधरे सब चिल्लाते खुद को आज सुधारे कौन ?
पर उपदेश कुशल बहुतेरे खुद पर आज विचारे कौन ?
हम सुधरें तो जग सुधरेगा सीधी बात स्वीकारे कौन ?
घर-घर में सब दीप जलाते मन में दीप जलाते कौन?
।। श्री परमात्मने नमः ।।

Friday, 22 December 2017

ललकार

प्रजातांत्रिक प्रणाली की ललकार....
मत करो इसे इनकार.....
चाहे किसी की हो सरकार.....
संप्रति जनता की यही पुकार......
क्यों नहीं करते राजनेता पर वार .....?
।। श्री परमात्मने नमः।।

Thursday, 21 December 2017

सच्चाई

न ले सच्चाइयों का नाम प्यारे
ये बस्ती है बहुत बदनाम प्यारे
यहाँ राधा मुसीबत कूटती है
बड़ी मुश्किल में है घनश्याम प्यारे
जो आना चाहता था रोशनी में
वही क्यों हो गया गुमनाम प्यारे
चुराकर ले गया है कंस गायें
कन्हैया पी रहा है जाम प्यारे
लुटेरे गश्त करते हैं गली में
व्यवस्था कर रही आराम प्यारे
जिसे शैतान सुनकर काँप जाये
किया वो रक्षकों ने काम प्यारे
कठिन है लाज सीता की बचाना
पराजित हो न जाये राम प्यारे
।। श्री परमात्मने नमः।।

Wednesday, 20 December 2017

कटी पतंग

इंसान कभी गलत नहीं होता उसका वक़्त गलत होता है मगर लोग इंसान को गलत कहते हैं जैसे कि पतंग कभी नहीं कटती, कटता तो सिर्फ धागा है फिर भी लोग कहते हैं कि पतंग कट गयी। आखिर कौन-सी ऐसी बात है?
।। श्री परमात्मने नमः।।

Tuesday, 19 December 2017

गुरु-दरबार

चार वेदों का अर्थ अगर हम नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं परंतु समझदारी, जवाबदारी, वफ़ादारी और ईमानदारी इन चार शब्दों का अर्थ अगर हम जान लेंगे तो हमारा जीवन सार्थक हो जायेगा और यह गुरु-दरबार में ही संभव है।
।। श्री परमात्मने नमः।।

Monday, 18 December 2017

प्रेरणा

"कभी भी लोगों की टीका टिप्पणी से घबराना नहीं चाहिए क्योंकि खेल में दर्शक ही शोर मचाते हैं खिलाड़ी नहीं "! खिलाड़ी तो अपने खेल में व्यस्त रहते हैं उन्हें केवल और केवल अपने कर्त्तव्य-पथ की ओर बढ़ते रहने की मानसिक-सक्रियता पर ध्यान केंद्रित रहती है। हमें भी अपने कर्त्तव्य-पथ पर चलते रहने की जरूरत है। जीत-हार तो जीवन-समर के क्षेत्र लगा ही रहेगा। परिणाम तो हमारे कर्त्तव्य-पथ की सक्रियता पर निर्भर है। महात्मा गौतम बुद्ध के जीवन से हम प्रेरणा लेकर अपने जीवन को संवार सकते हैं।
।। श्री परमात्मने नमः।।

Sunday, 17 December 2017

मेरा सलाम!

लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ में किसी पत्रकार के निष्पक्ष व निर्भीक पत्रकारिता एवं सशक्त लेखनी को मेरा सलाम!
अन्यथा.... अवलोकनार्थ....!

Saturday, 16 December 2017

इंतजार

इस ब्रह्माण्ड में ऐसी बहुत सी आत्मायें हैं जो धरती पर आने के लिये सही समय और वातावरण का इंतजार कर रही हैं जो आकर रहेंगी। ईश्वर भी इन आत्माओं के लिये वातावरण तैयार कर रहा है। ये धरती भी उन बेहतरीन आत्मा का इंतजार कर रही है। भ्रष्ट आत्माओं का पलायन शुरू होने जा रहा है।ईश्वरीय मार्ग पर चलने वाले फायदा उठाएंगे।ईश्वर की तरफ से मनुष्य की दृष्टि बिलकुल हट चुकी है। मनुष्य कल्पना की दुनिया में चला गया है जिसकी वजह से बेहोशी की हालत में है। एक प्रकार से कोमा में चला गया है। ईश्वर की तरफ से बिल्कुल सो गया है। अब जागना असम्भव-सा दीख रहा है।
।। श्री परमात्मने नमः।।

Friday, 15 December 2017

चमत्कार

अधिकतर लोग चमत्कार देखना चाहते हैं और जब तक कोई अलौकिक बात नहीं देख लेते उन्हें श्रद्धा नहीं आती। अगर ऐसों को खींचने के लिये कोई विचित्र बात दिखा दी जाये तो इसमें उनका भी भला हो सकता है और उनके जरियेे और भी बहुत से आदमी जमात में आ सकते हैं परंतु ऐसे लोग सच्चे जिज्ञासु नहीं होते। वास्तव में जो करामातों के भक्त होते हैं वे ईश्वर के भक्त नहीं होते क्योंकि जब तक करामात दिखाते रहो वे ठहरे रहेंगे और जब करामात दिखाना बंद कर दो वे भाग जायेंगे। इन ऐसों का विश्वास नहीं करना चाहिये।परमात्मा के लिये सच्ची श्रद्धा और विश्वास लेकर जो इधर कदम रखता है वही अधिकारी है। ऐसों को ही विद्या देनी चाहिये जो आगे काम का आदमी निकलता हो चाहे एक ही क्यों न हो।
।। श्री परमात्मने नमः।।

Thursday, 14 December 2017

सहमी बालाएं

सहमी-सहमी बालाओं को राहत चलो दिलायें
जिनकी व्यथा-कथा से सहमा शहर, गाँव, घर-द्वार,
बालाएं चीत्कार कर रहीं मनचले आज हावी होते
अब न जाने कब न्याय मिले ? मुकदमों का अंबार,
इज्जत को ले कुछ अभिभावक रह जाते हैं मौन
गौतम की है तपोभूमि, है बुद्ध का यही बिहार,
मानव का खोया संस्कार है आज हमें लौटाना
कर देना है तार-तार बालाओं पर जो करता है वार,
स्वर्णिम बिहार के सपने को अब करना है साकार
तीव्रगति से ध्यान हो केंद्रित इसकी है दरकार ।
                               ~दिवाकर प्रसाद,
                                  गोपालबाद, नालंदा

Wednesday, 13 December 2017

चोरी

BR 21 K 2199 नंबर की गाड़ी बुलेरो, ग्राम गोपालबाद, प्रखंड सरमेरा, जिला नालन्दा, पिन कोड 8111O4 स्थित प्राईवेट बस 🚍 स्टैंड में खड़ी थी जिसकी चोरी 09/10/2017 की रात को ही हुई थी। सरमेरा थाना में मामला दर्ज कर लिया गया था। गाड़ी के मालिक का नाम रजनीश कुमार है एवं पिता का नाम बंगाली प्रसाद है जो ग्राम गोपालबाद, पत्रालय गोपालबाद, वाया सरमेरा, जिला नालन्दा, पिन कोड 8111O4 के निवासी हैं। अभीतक उक्त गाड़ी के बारे में कहीं से भी किसी प्रकार की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

Tuesday, 12 December 2017

सफलता

गुरु चरनन मे शीश झुकाले जनम सफल हो जायेगा
गुरुदर्शन से बिन माँगे ही कृपा राम की पायेगा
जनम सफ़ल हो जायेगा गुरु चरनन में शीश झुका ले चहु दिश गहन अन्धेरा छाया पग पग भरमाती है माया
राम नाम की ज्योति जगेगी अन्धकार मिट जायेगा
गुरु चरनन में शीश झुका ले गुरु आदेश मान मन मेरे 
ध्यान जाप चिन्तन कर ले रे जनम जनम के पाप कटेंगे 
मोक्ष द्वार खुल जायेगा गुरु चरनन में शीश झुका ले 
जन्म सफ़ल हो जायेगा जन्म सफल हो जायेगा
।। श्री परमात्मने नमः।।

पोस्ट

नमस्कार!
            संप्रति लोकतांत्रिक व्यवस्था बहुत ही नाज़ुक दौर से गुज़र रही है। फेसबुक, ह्वाट्सेप, मैसेंजर, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया इत्यादि जो भी सोशल मीडिया हैं सबके-सब हमारी नज़र से बकबास हैं। आज मुझे पूर्ण  विश्वास हो गया कि कहीं किसी पदाधिकारी के पास, सत्ताधारी कार्यकर्त्ता के पास, प्रशासन के पास या किसी पार्टी कार्यकर्त्ता के पास किसी प्रकार के शिकायतों का आवेदन देना मूर्खता है। इस देश अथवा राज्य में लोग केवल और केवल अपने स्वार्थ के वशीभूत हो परस्पर प्रेमाभिवादन का स्वांग रचते हैं। प्राय: लोग अर्थ के पीछे-पीछे भागते नजर आ रहे हैं। पारस्परिक आलोचना या प्रत्यालोचना भी लोग  स्वार्थिक लिप्सा से अभिभूत होकर ही जीवन जीने की अपनी-अपनी शैली के आगोश में जीने को विवश हैं। कहीं भी व्यावहारिकता का समावेश नहीं है। सिद्धांत और व्यवहार में सामंजस्य नहीं है। कहते कुछ हैं और करते कुछ और हैं। इन्हीं झंझावातों के बीच जीवन-बसर भी करना है। फेसबुक के एक वरिष्ठ मित्र मित्र ने आज मेरी आँखें खोल दी। मैं उनका आजीवन शुक्रगुजार रहूँगा वह इसलिए कि उन्होंने मेरे बेमतलबी समय की बर्बादी से मुझे बचा लिया। उनकी टिप्पणी में जान थी।
                        अंत में मेरे कहने का तात्पर्य यह है कि मैं अब फेसबुक पर किसी प्रकार की पोस्टिंग नहीं करूंगा क्योंकि मैं लोगों के उपहास से बच सकूंगा। यह हमारी अंतिम पोस्टिंग है। धन्यवाद....!
।। श्री परमात्मने नमः।।

Sunday, 10 December 2017

शरण

नीचे माया है,ऊपर परमात्मा है,मध्य में जीव है।सिद्धियाँ माया हैं।जो माया की ओर चलेगा उसे माया ही प्राप्त होगी और जो इधर से आँख मींच कर ईश्वर की ओर बढ़ेगा,उसे ईश्वर मिलेगा।अच्छे साधु और सच्चे मुमुक्षु इन विभूतियों से दूर ही रहते हैं।
।। श्री परमात्मने नमः।।

Saturday, 9 December 2017

बिहार

आप इस साइन बोर्ड से अंदाजा लगा सकते हैं कि गोपालबाद गाँव कितना सजग है? धन्य हो बिहार..! आगे बढ़ता बिहार...!! कौन सुनेगा किसे सुनाऊं कहाँ-कहाँ करूं प्रहार...?
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की यहाँ नहीं है दरकार...!!!
।। श्री परमात्मने नमः।।

Friday, 8 December 2017

जज़्बा

कहावत भी है और हकीकत भी है कि 'कफ़न' में जेब नहीं होती फिर भी लोग दूसरों को दुखः देकर भी दौलत सहेजने में लगे रहते हैं! आज देश, समाज, शहर, गाँव और प्रकृति को सुखी और समृद्ध करने और रखने की चिंता किसी को नहीं ! आज लूटने वाला और लुटने वाला सभी दु:खी हैं। आज वन आच्छादित क्षेत्र के अभाव में मानव-जीवन संकटकालीन अवस्था से गुजर रहा है पर अपनी आय का लघुत्तम हिस्सा भी कोई पर्यावरण-संरक्षण पर खर्च करने को तैयार नहीं। यह धरती स्वर्ग और मानव-जीवन सुरक्षित तभी होगा जब धरती पर हरियाली होगी। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण में लगी "मिशन हरियाली" नूरसराय (नालंदा) के ज़ज्बे को मैं गर्व के साथ सलाम करता हूँ।
।। श्री परमात्मने नमः।।

Thursday, 7 December 2017

माली

अगर माली पर विश्वास है तो उससे फूल नहीं मांगना चाहिए बल्कि माली को ही अपना बना लें बाकी तो फिर सारा बगीचा अपना ही है। कहने का मतलब बिल्कुल साफ-साफ है कि परमात्मा से केवल परमात्मा की ही ख्वाहिश करनी चाहिए। अगर वो परमात्मा ही अपना हो गया तो फिर किसी और चीज की ख्वाहिश ही नहीं रहेगी।
।। श्री परमात्मने नमः।।

गरीबी

इनका नाम दिनेश प्रसाद है। पिताजी का नाम स्व. रामलखन प्रसाद है। ये ग्राम+पोस्ट गोपालबाद प्रखंड सरमेरा जिला नालंदा के स्थायी निवासी हैं। गरीबी के कारण इनकी हालत बदहाल है। इनके सर पर 8-10 पारिवारिक सदस्यों का भार है। ये पढ़े-लिखे नहीं हैं तथा अर्थाभाव के कारण व्यापार भी नहीं कर सकते। इनके पास 3 कट्ठे जमीन हैं। इसी खेत में वे हरी सब्जियां लगाकर अपना पारिवारिक जीवन का भरण-पोषण करते हैं। दो बच्चे बिहार से बाहर रहकर किसी प्राइवेट कंपनी के माध्यम से अर्थोपाजन करते हैं। एक बच्चा अंडे बेचकर अपने पिता की सहायता करता है। लाचार पिता की संतानें पठन-पाठन के उम्र में बेबस हो अर्थोपार्जन में संलग्न हैं। देखिए दिनेश प्रसाद किस तरह से परिवार के भरण-पोषण हेतु सब्जियों को लगाकर येन-केन-प्रकारेण पारिवारिक सदस्यों का भरण-पोषण करते हैं। सच में कहा गया है गरीबी एक अभिशाप है।
।। श्री परमात्मने नमः।।

Wednesday, 6 December 2017

मुसीबत

मुसीबत में साथ देने वालों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करनी चाहिए। मुसीबत में साथ छोड़ने वालों के प्रति दयाभाव दिखानी चाहिए। मुसीबत में डालने वालों के प्रति समभाव रखनी चाहिए।
।। श्री परमात्मने नमः।।

Tuesday, 5 December 2017

गुरु

जो हमारे अंधकार को दूर करते हैं वे हमारे गुरु कहलाते हैं। अगर हम चाहें तो उन्हें रोशनी का बल्ब भी कह सकते हैं क्योंकि वे हमेशा जलते रहते हैं। हम जो चीज नहीं देख सकते वे हमें दिखाते हैं बस वही हमारे गुरु हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो मुख्य रूप से हम एक यात्रा करना चाहते हैं और गुरु की तलाश में हैं। वे  हमारे लिए एक जीवंत रोड-मैप हैं। जब हम अनजान रास्तों से गुजरते हैं तब हमें पता चलता है कि रोड-मैप कितना महत्वपूर्ण होता है। यही कारण है कि हमारी परंपरा में ‘गुरु ईश्वर से बढ़कर है’ कहा गया। वास्तव में जब हम किसी अनजान इलाके में खो जाते हैं तो जीवित रोड-मैप ही हमारा अवलंबन होता है जो किसी भी चीज से अधिक महत्वपूर्ण होता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।

Monday, 4 December 2017

अलविदा

मैले हो जाते हैं सम्बन्ध भी वस्त्रों की तरह इसलिए कभी-कभी इनको भी स्नेह से धोया करें तभी संबंध स्थायी रूप से टिक पायेंगे। भगवान करे शशि कपूर की आत्मा को शांति प्रदान हो..!
।। श्री परमात्मने नमः।।

Saturday, 2 December 2017

दर्द

"सिसकियां लेती हुई गम-गीं हवाओं चुप रहो,
सो रहे हैं दर्द उनको मत जगाओ चुप रहो।
सोच की दीवार से लगकर गम बैठे हुए हैं,
दिल में नगमा न कोई गुनगुनाओ चुप रहो।।
दिवाकर प्रसाद, सरमेरा, नालंदा
।। श्री परमात्मने नमः।।

Friday, 1 December 2017

भ्रष्टाचार

सेवा में,
           प्रधानमंत्री भारत सरकार,
           नई दिल्ली।
विषय  रेलवे टीटीई द्वारा कदाचारिता ।
          नम्र निवेदन है कि मैं दिवाकर प्रसाद, पिता स्व शिवनंदन प्रसाद, ग्राम व पो  गोपालबाद, वाया सरमेरा, जिला नालंदा का स्थायी निवासी हूँ। आज मैं पटना मोकामा मेमू गाड़ी नंबर 63272 राजेन्द्रनगर टर्मिनल से बाढ़ के लिए प्रस्थान किया। यह गाड़ी बहुत विलंबित थी। बख्तियारपुर में गाड़ी नंबर 13226 जयनगर इंटरसिटी एक्सप्रेस पर पटना मोकामा मेमू से उतरकर बहुत लोग सवार हो गये जिसमें मैं भी शामिल था। टीटीई ने जाँच के दौरान बेटिकट यात्रियों को पकड़कर जुर्माना बतौर राशियों की वसूली कर पैसों को अपने पॉकेट में रख लिया। कुछ को दिखावा हेतु रसीद भी दिया परन्तु मुझसे 20 रू लेकर बिना रसीद दिए अपने पॉकेट में रख लिया। हमने वाजिब जुर्माने की राशि लेकर टीटीई से रसीद मांगी पर उन्होंने एक न सुनी।टीटीई पटना मोकामा के बीच अक्सर ऐसा कर्म किया करते हैं।
               अतः श्री मान् से आग्रह की जाती है कि विधिसम्मत उक्त लापरवाही की जाँच का आदेश एवं निर्देश दिया जाय ताकि स्वच्छ भारत का निर्माण हो सके।
                आपका विश्वासी
                दिवाकर प्रसाद
                ग्राम व पो गोपालबाद
                पिनकोड 811104
                मोबाइल नंबर 8507358565