नमस्कार दोस्तो,
आज मैं पटना-मोकामा मेमू गाड़ी नंबर 63272 राजेन्द्रनगर टर्मिनल से बाढ़ के लिए प्रस्थान किया। यह गाड़ी बहुत विलंबित थी। बख्तियारपुर में गाड़ी नंबर 13226 जयनगर इंटरसिटी एक्सप्रेस पर पटना-मोकामा मेमू से उतरकर बहुत लोग सवार हो गये जिसमें मैं भी शामिल था। T.T.E. ने लोगों से नजराना ले-लेकर छोड़ दिया। मेरे पास साधारण टिकट थी फिर भी T.T.E. ने मुझसे 20/- रू. लेकर अपने पॉकेट में रख लिया जबकि मैं चिल्लाता रहा कि मुझसे Fine लेकर रसीद बनाकर मुझे दीजिए पर उसने एक न मानी। उसने मेरे टिकट पर इनीसियल हस्ताक्षर करके मुझे छोड़ दिया। मैं प्रधानमंत्री भारत सरकार से यह पूछना चाहता हूँ कि रेलवे में भी व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ कौन-सी कार्रवाई करेंगे? यदि जनता दोषी है तो सरकार के कर्मचारी फाइन के नाम पर पैसे लेकर सबको रसीद क्यों नहीं देते हैं? पैसे को लेकर वे अपने पॉकेट में क्यों रख लेते हैं? दिखावे के लिए कुछ लोगों को फाइन लेकर रसीद दिया गया ताकि रेल-विभाग यह समझ सके रेल-कर्मचारी बहुत ईमानदार हैं। दूसरी ओर मैं सरकार से भी यह पूछना चाहता हूँ कि रेल-विभाग यदि भ्रष्टाचार में संलिप्त हो तो उसपर जनता क्या कर सकती है?
Thursday, 30 November 2017
भ्रष्टखचार
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