Thursday, 12 December 2019
घर
Wednesday, 11 December 2019
Monday, 9 December 2019
लक्ष्य
समय और शब्द
Saturday, 7 December 2019
वास्तविक धन
Friday, 6 December 2019
मन
Thursday, 5 December 2019
पुरस्कार
Wednesday, 4 December 2019
व्यवहार
Tuesday, 3 December 2019
पहुँच
Monday, 2 December 2019
Sunday, 1 December 2019
Saturday, 30 November 2019
अभिमान
Friday, 29 November 2019
मन
Thursday, 28 November 2019
कर्त्तव्य
Wednesday, 27 November 2019
घड़ी
Tuesday, 26 November 2019
दिल
Monday, 25 November 2019
Sunday, 24 November 2019
सेवा-भाव
Saturday, 23 November 2019
Friday, 22 November 2019
विश्वास
Thursday, 21 November 2019
नशा
Wednesday, 20 November 2019
अभिगमन
Tuesday, 19 November 2019
Monday, 4 November 2019
साँसें
Sunday, 3 November 2019
वर्तमान जीवन
Saturday, 2 November 2019
आनंद
Friday, 1 November 2019
प्रेरणा
Thursday, 31 October 2019
भाग्य के लेख
Wednesday, 30 October 2019
सुख साधन
Tuesday, 29 October 2019
समर्पण
Monday, 28 October 2019
प्रतिष्ठा
Sunday, 27 October 2019
Saturday, 26 October 2019
Friday, 25 October 2019
Wednesday, 23 October 2019
दिमाग
Tuesday, 22 October 2019
गुनाह
Friday, 18 October 2019
इतिहास
Thursday, 17 October 2019
वाणी
Wednesday, 16 October 2019
नि:स्वार्थ कर्म
Tuesday, 15 October 2019
बोली
दुनिया में सिर्फ़ शहद ही ऐसा पदार्थ है जिसको सौ साल के बाद भी खाया जा सकता है और शहद जैसी बोली से सालों साल तक लोगों के दिलों में राज किया जा सकता है।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 14 October 2019
जबान
पूरे ब्रह्माण्ड में जबान ही एक ऐसी चीज़ है जहाँ पर जहर व अमृत एक साथ रहतें हैं।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Sunday, 13 October 2019
घमंड
घमंड किसी का नहीं रहा है। टूटने से पहले तक गुल्लक को भी लगता था कि सारे पैसे उसी के हैं।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 12 October 2019
ख्वाहिशें
ख्वाहिशें मनुष्य को जीने नहीं देतीं और मनुष्य ख्वाहिशों को मरने नहीं देता!
।।श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 11 October 2019
परीक्षा
परीक्षा हमेशा अकेले में होती है लेकिन उसका परिणाम सबके सामने होता है इसलिए कोई भी कर्म करने से पहले परिणाम का जरूर विचार करें।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 10 October 2019
संघर्ष
संघर्ष के समय कोई नजदीक नहीं आता और सफलता के बाद किसी को आमंत्रित नहीं करना पड़ता।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 9 October 2019
घमंड और पेट
घमंड और पेट जब ये दोनों बढतें हैं तब इन्सान चाह कर भी किसी को गले नहीं लगा सकता। जिस प्रकार नींबू के रस की एक बूँद हज़ारों लीटर दूध को बर्बाद कर देती है उसी प्रकार मनुष्य का अहंकार भी अच्छे से अच्छे संबंधों को बर्बाद कर देता है। यह सर्वविदित है कि सत्कर्म ही जीवन है। अतः हमें सत्कर्म ही करना चाहिए।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 8 October 2019
बदलाव
किसी एक इंसान की मदद करने से दुनिया तो नहीं बदलने वाली है लेकिन जिस इंसान की आप मदद करेंगे उसकी दुनिया जरुर बदल सकती है।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 7 October 2019
आसान
आसान तो कुछ भी नहीं है इस संसार में...! दूसरी साँस भी लेने के लिए पहली साँस छोड़नी पड़ती है!
।।श्री परमात्मने नमः।।
Sunday, 6 October 2019
अच्छाई
हर कोई हर चीज में अच्छा नहीं हो सकता लेकिन हर कोई किसी न किसी चीज में अच्छा हो सकता है।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 5 October 2019
महान
कोई व्यक्ति कितना ही महान क्यों न हो, आँखे मूँदकर उसके पीछे मत चलिए। यदि ईश्वर की ऐसी ही मंशा होती तो वह हर प्राणी को आँख, नाक, कान, मुँह, मस्तिष्क आदि क्यों देता है?
।।श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 4 October 2019
चलना ही जिंदगी है
असफलता बहुत चालाक और मज़ाकिया किस्म की होती है। प्राय: लोगों को तब गिराने में मज़ा आता है जब सफलता उनके बहुत करीब होती है इसीलिए अगर आप अपने जीवन में असफल हो रहे हैैं तो रुकिये नहीं बस चलते रहिये। सफलता बस आपसे एक ही कदम दूर है।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 3 October 2019
वक्त
कुछ बातें ऐसी हैं जिनपर हमारा कोई वश नहीं है उन्हें वक़्त सम्भाल लेगा। हम उनकी चिंता में पड़कर वक़्त ज़ाया ना करें।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 2 October 2019
सच्चाई
जब चलना नहीं आता था तब कोई गिरने नहीं देता था और जब चलना सीख लिया तो हर कोई गिराने में लगा है। यही जीवन की सच्चाई है।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 1 October 2019
आनंद
दुनिया की कोई भी चीज कितनी ही कीमती क्यों हो पर परमात्मा ने आपको जो नींद, शान्ति और आनन्द दिया है उससे ज्यादा कीमती कोई चीज नहीं हैं.
।।श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 30 September 2019
पागल
हमारे हौसले भी कम नहीं थे कम नहीं थे पर
समय करता रहा घायल अरे पागल अरे पागल!
अमंगल की तरफ़दारी नहीं करता हूँ मैं लेकिन
नहीं सम्भव है सब मंगल अरे पागल अरे पागल!
महाभारत, महाभारत, महाभारत, महाभारत,
ये दुनिया है फ़क़त दंगल अरे पागल अरे पागल!
।।श्री परमात्मने नमः।।
Sunday, 29 September 2019
माँ
पूज्य माँ ग्रहण करो उद्गार आज जन-जन का नूतन प्यार,
हम बालक गण वृंद विहंगम इस प्रांगण में मस्त मगन मन,
समर्पित अभिनंदन शत बार आज जन-जन का नूतन प्यार ..
आशा,तड़पन,संगम,क्रंदन तुझको किस विधि करूँ नत वंदन?
तड़पन हो जाते गुलजार आज जन-जन का नूतन प्यार.......
युग-युग,प्रतिदिन,प्रतिक्षण,प्रतिपल तात सुखद जीवन तव अविरल,
चढ़ाते स्वर्णिम पुष्पक हार आज जन-जन का नूतन प्यार .....
पूज्य माँ ग्रहण करो उद्गार आज जन-जन का नूतन प्यार.....
।।श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 28 September 2019
पराजय
जीवन से पराजय शब्द पूरी तरह हटा दें क्योंकि जीवन कोई प्रतियोगिता नहीं है।हर पराजय एक सीख है और हर जीत उस सीख का जश्न, इसलिये जीवन के किसी भी मोड़ पर रुकें नहीं। बस चलते रहें और सीखते रहें।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 27 September 2019
गिनती
मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में बस हम गिनती उसी की करते है जो हासिल ना हो सका।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 26 September 2019
जिंदगी का खेल
जन्म पर बटने वाली मिठाई से शुरू होने वाला ज़िन्दगी का यह खेल और श्राद्ध की खीर पर आकर ख़तम हो जाता है! यही है जीवन की मिठास...!
।।श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 25 September 2019
खुशियां और गम
खुशियाँ आये जिंदगी में तो चख लेना मिठाई समझकर और जब गम आये तो वो भी कभी खा लेना दवाई समझ कर।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 24 September 2019
Monday, 23 September 2019
कौन ?
झाँक रहे हैं इधर उधर सब अपने अंदर झांके कौन ?
ढूँढ रहे दुनियाँ में कमियां, अपने मन में ताके कौन ?
दुनियाँ सुधरे सब चिल्लाते खुद को आज सुधारे कौन ?
पर उपदेश कुशल बहुतेरे खुद पर आज विचारे कौन ?
हम सुधरें तो जग सुधरेगा सीधी बात स्वीकारे कौन ?
घर-घर में सब दीप जलाते मन में दीप जलाते कौन?
।। श्री परमात्मने नमः ।।
Sunday, 22 September 2019
खुशियाँ
जिंदगी प्रपोज करती रहती है छोटी-छोटी ख़ुशियाँ हम स्वीकारते नहीं हैं और दौड़ते रहते हैं बड़ी खुशियों के पीछे!
।।श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 21 September 2019
शब्द
शब्द कितनी भी समझदारी से इस्तेमाल किया जाय फिर भी पढ़ने और सुनने वाला अपनी योग्यता और मन के विचारों के अनुसार ही उसका मतलब समझता है।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 20 September 2019
अहंकार
अहंकार की बस एक ही ख़राबी है वह यह कि कभी हमें महसूस ही नहीं होने देता कि हम ग़लत हैं।
।।श्री परमात्मने नमः।।
बापू के द्वार
अपनी गलती हो स्वीकार,
लें जीवन में इसे उतार।
नहीं किसी को हम मारेंगे,
खुद मरने को हों तैयार।
सिद्धांत-रहित नीति तजकर,
सदा सत्य की बहे बयार।
गांधीजी के सपनों को हम,
चलो करें मिलकर साकार।
विकसित बिहार के निश्चय सात,
जगमग हो संपूर्ण बिहार।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 18 September 2019
तृष्णा
मनुष्य की तृष्णा यानि इच्छाओं से बड़ा कोई दुःख नहीं होता और इन्हें छोड़ देने से बड़ा कोई सुख नहीं है। मनुष्य का अपने मन पर वश नहीं होता। हर किसी के मन में कई अनावश्यक इच्छाएं होती हैं और यही इच्छाएं मनुष्य के दुःखों का कारण बनती हैं। जरुरी है कि मनुष्य अपनी आवश्यकताओं और इच्छाओं में अंतर समझे और फिर अनावश्यक इच्छाओं का त्याग करके शांत मन से जीवन बिताएं। मुहब्बत भी तो एक प्रकार की चाहत ही है इसलिए मुहब्बत की चाहत को भी त्यागना होगा।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 17 September 2019
धर्म और अधर्म
मनुष्य के लिए सबसे बड़ा धर्म है सत्य बोलना या सत्य का साथ देना और सबसे बड़ा अधर्म है असत्य बोलना या उसका साथ देना इसलिए हर किसी को अपने मन, अपनी बातें और अपने कार्यों से हमेशा उन्हीं को शामिल करना चाहिए जिनमें सच्चाई हो क्योंकि इससे बड़ा कोई धर्म है ही नहीं। असत्य कहना या किसी भी तरह से झूठ का साथ देना मनुष्य की बर्बादी का कारण बन सकता है।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 16 September 2019
बदलाव
वर्तमान परिप्रेक्ष्य के मद्देनजर बदलाव अत्यावश्यक है। ग्रामीण क्षेत्रों में जो उप स्वास्थ्य केन्द्र हैं वह हाथी-दाँत की तरह केवल दिखावे के लिए हैं। अब रही शिक्षा की बात तो वह बैशाखियों के सहारे अर्द्ध जीवित है। एमडीएम में भारी लूट मची हुई है। अपराध पर समूल नियंत्रण तो असंभव ही है। भ्रष्टाचार की कौन कहे... ? अंततः हम यही कहना चाहेंगे कि जो कुछ भी हो परन्तु लोकतांत्रिक प्रणाली में चेतना जागी है। जनता जनार्दन कभी भी बदलाव कर सकती है।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Sunday, 15 September 2019
Saturday, 14 September 2019
रंगमंच
संसार ज़िंदगी का रंगमंच है दोस्तो! वैज्ञानिक ढूँढ रहे हैं कि मंगल पर जीवन है या नहीं और हम ढूँढ रहे हैं कि जीवन में मंगल है या नहीं?
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 13 September 2019
गणित
कौन हिसाब रखे किसको कितना दिया और किसने कितना बचाया इसलिए ईश्वर ने आसान गणित लगाया सबको खाली हाथ भेज दिया और खाली हाथ ही बुलाया।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 12 September 2019
दर्द
सेल्फी नहीं पर कभी किसी के दर्द खींच सकने की कोशिश करनी चाहिए फिर दुनियाँ तो क्या खुद भगवान भी हमें लाइक करेंगे!
।।श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 11 September 2019
संस्कार
कुएँ का पानी सब फसलों को एक समान मिलता है फिर भी करेला कड़वा, गन्ना मीठा और इमली खट्टी होती है। यह दोष तो पानी का नहीं है बल्कि बीज का है। ठीक उसीप्रकार सभी मनुष्य एक समान हैं परन्तु उनपर संस्कारों का असर अलग-अलग पड़ता है।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 10 September 2019
विश्वास
खुद के ऊपर विश्वास रखो साहब फिर देखना एक दिन ऐसा आएगा कि घड़ी दूसरे की होगी और समय आपका...!
।।श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 9 September 2019
हकीकत
सबसे बड़ी हकीकत है कि लोग आपके बारे में अच्छा सुनने पर शक करते हैं लेकिन बुरा सुनने पर शीघ्र ही यकीन कर लेते हैं!
।।श्री परमात्मने नमः।।
Sunday, 8 September 2019
भूल
हमें अक्सर महसूस होता है कि दूसरों का जीवन हमसे अच्छा है लेकिन हम भूल जाते हैं कि उनके लिए हम भी दूसरे हैं।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 7 September 2019
रिश्तेदार
रिश्तों से भरी दुनिया में अगर किसी को परखने की नौबत नहीं आयी है तो समझ लीजिए कि वक्त ने आपसे बड़ी शिद्दत से रिश्तेदारी निभाई है।
श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 6 September 2019
समय
खुद को समय जरूर दें क्योंकि आपकी पहली जरूरत खुद आप हैं। समय के पास इतना समय नहीं कि आपको दोबारा समय दे सके।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 5 September 2019
शक
लोगों के पास बहुत कुछ है मगर मुश्किल यही है कि भरोसे पे शक है और अपने शक पे भरोसा है।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 4 September 2019
गुरु-कृपा
आध्यात्म और ज्ञान के सकारात्मक प्रभाव से गुरु ग्रह मानव जीवन को र्इश्वर एवं दिव्य शक्ति के तार से जोड़े रखता है। हर किसी भी जातक को जीवन में कुछ बनने के लिए एक अच्छे शिक्षक की जरूरत होती है और अच्छे शिक्षक के बिना व्यक्ति अपने जीवन के मुश्किल परिस्थितियों में बुरी तरह हार जाता है। व्यक्ति को जीवन के अलग अलग पहलूओं के प्रति जागरूक करने एवं उनके प्रति जिम्मेदार बनाने में बृहस्पति यानि गुरु अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और अपने शिष्य को सकारात्मक प्रभावों से पूर्ण आध्यात्मिकता प्राप्त करवाते हैं। गुरू की कृपा से व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि, मान सम्मान, धन संपदा, इत्यादि का पूर्ण प्रभाव बना रहता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
प्रश्न
ईश्वर ने जगत क्यों बनाया? यह प्रश्न वैसा का वैसा ही रहेगा और अगर कोई उत्तर भी मिल जाए तो सवाल उठेगा कि ईश्वर क्यों है? ईश्वर को किसने बनाया? क्या प्रयोजन होंगे? इन प्रश्नों का कोई अंत न होगा। एक प्रश्न और हजार प्रश्नों को अपने साथ ले आता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 14 August 2019
जीवन में दो बातें
जीवन में दो बातों को हमेशा के लिये अपना लें, फायदे में रहेंगे, पहला चुप रहने से बड़ा कोई जवाब नहीं और दूसरा माफ करने से बड़ा कोई इंतकाम नहीं!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 13 August 2019
संबंध
स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है! संतोष सबसे बड़ा धन है और वफ़ादारी सबसे बड़ा सम्बन्ध है!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 12 August 2019
Saturday, 10 August 2019
तनाव
अपने भाग्य की तुलना दूसरों से करना तनाव है और उस परमात्मा को सुझाव देना कि उसे ऐसा नहीं ऐसा करना चाहिए, महातनाव है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 9 August 2019
Thursday, 8 August 2019
चमन
चमन को सींचने में कुछ पत्तियाँ झड़ गई होंगी,
यही इल्जाम लग रहा है हमपर बेवफाई का।
चमन को रौंद डाला जिन्होंने अपने पैरों से,
वही दावा कर रहे हैं इस चमन की रहनुमाई का।।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 7 August 2019
पीड़ा
अपनी पीड़ा तो पशु-पक्षी भी महसूस करते हैं लेकिन मनुष्य वही है जो दूसरों की पीड़ा का अनुभव करता हो!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 6 August 2019
वाणी
जमीन अच्छी हो, खाद अच्छा हो परंतु पानी अगर खारा हो तो फूल खिलते नहीं। भाव अच्छे हों कर्म भी अच्छे हों मगर वाणी खराब हो तो सम्बन्ध कभी टिकते नहीं।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 5 August 2019
हिसाब
कौन हिसाब रखे किसको कितना दिया और किसने कितना बचाया इसलिए ईश्वर ने आसान गणित लगाया यानि सबको खाली हाथ भेज दिया और खाली हाथ ही बुलाया।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Sunday, 4 August 2019
कर्म
अपने कर्म पर विश्वास रखिए राशियों पर नहीं क्योंकि राशि तो राम और रावण की भी एक ही थी परंतु नियति ने उन्हें फल उनके कर्म के अनुसार ही दिया!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 3 August 2019
राज
छोटे थे तो हर बात भूल जाया करते थे इसपर दुनियाँ कहती थी कि याद रखना सीखो और जब बड़े हुए तो हर बात याद रहती है पर दुनियाँ कहती है कि भूलना सीखो। क्या राज है जो आजतक हम इसे सुलझा नहीं सके?
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 2 August 2019
दर्द
अपना दर्द सबको न बताएँ क्योंकि सबके घर मरहम नहीं होता मगर नमक तो हर एक के घर होता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 31 July 2019
गुरु
गुरु ही शिव हैं, गुरु ही माया हैं जो नारायण बनके साधक को हमेशा ही उसका पालन करते हैं तथा शिव बनकर उनका हमेशा अहंकार का विनाश करते हैं।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 25 July 2019
अर्थ
सीमित शब्द हो और असीमित अर्थ हो लेकिन हो इतना कि शब्दों से किसी को कष्ट न हो...।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 24 July 2019
जीवन
जीवन का फ्यूज उड़ने से पहले जीवन का यूज कर लीजिए साहब! धीरज अपने लिए, प्रेम दूसरों के लिए
और करुणा सभी के लिए!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 23 July 2019
गुणवान
गुणवान मनुष्य के संपर्क में रहकर सामान्य मनुष्य भी गौरव प्राप्त करता है जैसे कि फूलों के हार में रहकर धागा भी मस्तक के ऊपर स्थान प्राप्त करता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 22 July 2019
हालात
हमें हालात सिखाते हैं बातें सुनना और सहना वरना हर शख्स फितरत से तो बादशाह ही होता है! अंधेरे में जब हम दीया हाथ में लेकर चलते हैं तो हमें यह भ्रम रहता है कि हम दीये को लेकर चल रहे हैं जबकि सच्चाई एकदम उल्टी है दीया हमें लेकर चल रहा होता है!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Sunday, 21 July 2019
जिंदगी
अगर जिंदगी इतनी अच्छी होती तो हम इस दुनिया में रोते रोते न आते लेकिन एक मीठा सच ये भी है कि अगर ये जिंदगी बुरी होती तो हम जाते जाते लोगों को रुलाकर न जाते!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 20 July 2019
लाभ
कोई सराहना करे या निंदा लाभ आपका ही है कारण प्रशंसा प्रेरणा देती है और निंदा सुधरने का अवसर।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 19 July 2019
Thursday, 18 July 2019
विचार
परमपिता परमेश्वर ने जब सभी इंसानों के चेहरों को अलग-अलग बनाया है तो फिर सबके विचार एक जैसे कभी-भी हो ही नहीं सकते! यह हमारी-आपकी नादानी है कि हम अपने-अपने विचारों को जबरन दूसरों पर थोपना चाहते हैं और वे जब इसे मानने से इनकार करते हैं तो हम नाराज़ हो जाते हैं! हम भी तो सबके विचारों को नहीं मानते हैं तो फिर ऐसा क्यों...?
।। श्री परमात्मने नमः।।