Wednesday, 27 November 2019

घड़ी

वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी उनका चलना रुकता नहीं।
।।श्री परमात्मने नमः।।

No comments:

Post a Comment