Wednesday, 7 March 2018

प्रियतम

जब भगवान हमारी आत्मा के प्रियतम बनते हैं, हमारी आत्मा के सखा बनते हैं, हमारी आत्मा के माता, पिता, सहचर, गुरु बनते हैं तब हम धन्य हो जाते हैं। जीवन हर ओर से खुशी प्रदान करता जाता है। दूसरों के साथ संबंध आनन्द-प्रद अनुभव प्रदान करते हैं।
।। श्री परमात्मने नमः।।

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