Sunday, 11 March 2018

संस्कार

जिस दिन हम ये समझ जायेंगे कि सामने वाला व्यक्ति गलत नहीं है सिर्फ उसकी सोच हमसे अलग है उस दिन हमारे जीवन से दुःख समाप्त हो जायेंगे। यदि हम बड़प्पन के अभिलाषी हैं तो प्रभु के साथ-साथ हमें सबके सामने झुकना पड़ेगा क्योंकि बड़प्पन वह गुण है जो पद से नहीं संस्कारों से प्राप्त होता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।

No comments:

Post a Comment