तनावपूर्ण विचार अवचेतन मन के सामंजस्यपूर्ण कार्य में बाधा डालती है। अतः हमें तनावपूर्ण जीवन से बचने के लिए अपने अवचेतन मन से शांति, सामंजस्य और दैवी विधान स्थापित करने को कहना पड़ेगा तभी हम अलौकिक शक्तियों का असीम आनंद उठा सकते हैं।
।। श्री परमात्मने नमः।।
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