गुरु ही शिव हैं, गुरु ही माया हैं जो नारायण बनके साधक को हमेशा ही उसका पालन करते हैं तथा शिव बनकर उनका हमेशा अहंकार का विनाश करते हैं।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 31 July 2019
गुरु
Thursday, 25 July 2019
अर्थ
सीमित शब्द हो और असीमित अर्थ हो लेकिन हो इतना कि शब्दों से किसी को कष्ट न हो...।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 24 July 2019
जीवन
जीवन का फ्यूज उड़ने से पहले जीवन का यूज कर लीजिए साहब! धीरज अपने लिए, प्रेम दूसरों के लिए
और करुणा सभी के लिए!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 23 July 2019
गुणवान
गुणवान मनुष्य के संपर्क में रहकर सामान्य मनुष्य भी गौरव प्राप्त करता है जैसे कि फूलों के हार में रहकर धागा भी मस्तक के ऊपर स्थान प्राप्त करता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 22 July 2019
हालात
हमें हालात सिखाते हैं बातें सुनना और सहना वरना हर शख्स फितरत से तो बादशाह ही होता है! अंधेरे में जब हम दीया हाथ में लेकर चलते हैं तो हमें यह भ्रम रहता है कि हम दीये को लेकर चल रहे हैं जबकि सच्चाई एकदम उल्टी है दीया हमें लेकर चल रहा होता है!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Sunday, 21 July 2019
जिंदगी
अगर जिंदगी इतनी अच्छी होती तो हम इस दुनिया में रोते रोते न आते लेकिन एक मीठा सच ये भी है कि अगर ये जिंदगी बुरी होती तो हम जाते जाते लोगों को रुलाकर न जाते!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 20 July 2019
लाभ
कोई सराहना करे या निंदा लाभ आपका ही है कारण प्रशंसा प्रेरणा देती है और निंदा सुधरने का अवसर।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 19 July 2019
Thursday, 18 July 2019
विचार
परमपिता परमेश्वर ने जब सभी इंसानों के चेहरों को अलग-अलग बनाया है तो फिर सबके विचार एक जैसे कभी-भी हो ही नहीं सकते! यह हमारी-आपकी नादानी है कि हम अपने-अपने विचारों को जबरन दूसरों पर थोपना चाहते हैं और वे जब इसे मानने से इनकार करते हैं तो हम नाराज़ हो जाते हैं! हम भी तो सबके विचारों को नहीं मानते हैं तो फिर ऐसा क्यों...?
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 17 July 2019
भरोसा
भरोसा करते वक्त होशियार रहिये क्योंकि फिटकरी और मिश्री एक जैसे ही नजर आते हैं!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 16 July 2019
चिंता
मनुष्य अपने जीवन में पूरे दिन काम करके इतना नहीं थकता जितना वह एक पल की चिंता से थक जाता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 15 July 2019
परदोष दर्शन
इंसान की फितरत कुछ ऐसी है कि दूसरों के अंदर की बुराइयों को देखकर उनके दोषों पर हँसता है और व्यंग करता है लेकिन अपने दोषों पर कभी नजर नहीं जाती जिसका ना कोई आदि है न अंत।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Sunday, 14 July 2019
वक्त
जो ज्ञानी होता है उसे समझाया जा सकता है और जो अज्ञानी होता है उसे भी समझाया जा सकता है लेकिन जो अभिमानी होता है उसे कोई नहीं समझा सकता है। उसे सिर्फ वक्त ही समझाता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 12 July 2019
साधना
प्रतिदिन साधना अवश्य करना चाहिए। अपने भीतर कर्मों के पहाड़ों को साधना की अग्नि में भस्म कर देना चाहिए।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 11 July 2019
भरोसा
भरोसे की कीमत अब कुछ नहीं क्योंकि धोखा हर गली और मोहल्ले में सस्ते दामों पर बिक रहा है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 10 July 2019
ताना
न जाने कितने जन्मों से हम एक से बढ़कर एक करोड़ों भयानक कर्म संचित करते आए हैं और उन संचित कर्मों में से न जाने कितने भोगने बाकी हैं। न जाने कौन-कौन से कष्ट और आने बाकी हैं? आखिर भगवान के दरबार हम केवल मांगने ही क्यों जाते हैं? तभी तो भगवान ने हमें ताना दिया!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 9 July 2019
Monday, 8 July 2019
दिन
इंसान नहीं बोलता बल्कि उसके दिन बोलते हैं क्योंकि जब दिन नहीं बोलते तो इंसान लाख बोले उसकी कोई नहीं सुनता।।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Sunday, 7 July 2019
चिंता-मुक्त
एक बार एक व्यक्ति ने किसी संत से पूछा- हम ईश्वर के आगे सिर क्यों झुकाते हैं तो संत ने बड़ा सुंदर उत्तर दिया- हमारी चिंतायें हमारे मस्तिष्क में निवास करती हैं और जब हम ईश्वर के आगे सिर झुकाकर प्रणाम करते हैं तो हमारी चिंतायें हमारे मस्तिष्क से गिरकर ईश्वर के चरणों में पहुँच जाती हैं और हम चिंताओं के बोझ से मुक्त हो जाते हैं।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 6 July 2019
चित्त
अगर चित्त सारे संस्कारों से मुक्त हो जाए तो नया जीवन ही न हो सकेगा। जन्म-मरण के चक्कर से छुटकारा हो जाएगा पर संस्कार कायम है इसलिये एक जन्म के बाद दूसरा जन्म होता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 5 July 2019
प्रेम
प्रेम दिवस हर क्षण चलता ही रहता है! प्रेम का प्रवाह बहता रहता है ! हर जीव आत्मा को तृप्त कर आंनद, उमंग और तंरग से भरकर प्रेम और भावना की क्षण-क्षण अमृत वर्षा से आत्मा को तृप्त कर आंनद का भागी बनता है !!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 4 July 2019
चक्रव्यूह
चक्रव्यूह मोह का क्यों टूटता नहीं है
अग्नि रेखाओं पर चलना सरल नहीं है ,
हर क्षण वक्त एक नयी परीक्षा है लेता
फिर भी जिंदगी अपने हिसाब से चलता ।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 3 July 2019
बादल
ऐ अंबर में घुमड़ते बादल थोड़ा ठहर ठहर कर बरसो ,
ढूंढो उन नदी , तालाबों को जहाँ तुम थोड़ी देर सरसो ।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 2 July 2019
चंदन
एक चंदन अकेला खड़ा रहता वन में
शीतल सुगंध बिखेरता हुआ सा तन से।
भुजंगों के विष को भी सहता जतन से
फिर भी सौरभ महकाता कितने जतन से।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 1 July 2019
हाथ की लकीर
इंसान जब अपनी हथेली की रेखाओं में भविष्य ढूंढने लगे तब समझ लेना चाहिए कि उसकी बाजुओं में ताकत और मन में विश्वास खत्म हो गया है।
।। श्री परमात्मने नमः।।