प्रकृति देवी ने हर काम की सीमा बना दी है, उससे बाहर नहीं जाना चाहिए। रोटी जो जीवन देती है अधिक खा लेने पर विष बन जाती है और मार डालती है इसी प्रकार अगर प्रेम का दायरा संसार की ओर इतना बढ़ जाए कि मनुष्य उसी में भूल जाए तो वह हानिकारक
होता है और कष्टों में ढकेलता है।
No comments:
Post a Comment