प्रेम को केवल महसूस किया जा सकता है प्यार के इस भाव व रूप को केवल महसूस किया जा सकता है। इसकी अभिव्यक्ति कर पाना संभव नहीं है। बिछोह का दुख, मिलने न मिलने की आशा-आशंका में जो समय व्यतीत होता है, वह जीवन का अमूल्य अंश होता है। उस तड़प का अपना एक आनंद है। प्यार और दर्द का एक गहरा रिश्ता है।
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