जरुरतमंदों की सेवा करना ही इंसानियत है। मानव जीवन का उद्देश्य है कि अपने मन, वचन और कर्म से औरों की मदद करना। हमेशा यह देखा गया है कि जो लोग दूसरों की मदद करते हैं उन्हें कम तनाव रहता है तथा मानसिक शांति और आनंद का अनुभव होता है। वे अपनी आत्मा से ज़्यादा जुड़े हुए महसूस करते हैं और उनका जीवन संतोषपूर्ण होता है जबकि स्पर्धा से खुद को और दूसरों को तनाव रहता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
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