कैसा जमाना है साहब? किसी को कर्ज देकर यदि आप वापस मांगिएगा तो कर्जदार आपपर रेप केस कर देगा। गोपालबाद की घटना है जो बिहार राज्यान्तर्गत नालंदा जिले के सरमेरा प्रखंड के केनार पंचायत में पड़ता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 30 November 2018
ऐसा भी होता है
Thursday, 29 November 2018
आँसू
सारे फैसले तुम पर ही टिके हैं प्रभु! इक आस लिए हम वहीं रुके हैं। कभी आओ देख भी जाओ मुद्दत हुई आंसू आकर आँखों तले रुके हैं।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 28 November 2018
मंजिल
क्यों डरें कि जिंदगी में क्या होगा,
हर वक्त क्यों सोचें कि बुरा होगा।
बढ़ते रहें मंजिलों की ओर हम,
कुछ न भी मिला तो क्या तजुर्बा तो नया होगा।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 27 November 2018
समय
बुरे समय में दिलासा देनेवाला कोई अजनबी भी क्यों न हो वह दिल में उतर जाता है और बुरे समय में किनारा कर लेनेवाला कोई अपना ही क्यों न हो वह दिल से उतर जाता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 26 November 2018
रिश्ते
स्वार्थ से रिश्ते बनाने की कितनी भी कोशिश करें रिश्ते बनेंगे नहीं और प्यार से बने रिश्ते तोड़ने की कितनी भी कोशिश करें रिश्ते टूटेंगे नहीं।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Sunday, 25 November 2018
अफसोस
मुझे बहुत अफसोस है कि आज भारत शास्त्र-विहीन हो भटक रहा है क्योंकि जब शास्त्र विस्मृत हो गया तो जिसने जो कह दिया धर्म बन बैठा।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 24 November 2018
धर्म
धर्म हमारे मन, कर्म, वचन से एक परमात्मा के प्रति समर्पण दिलाता है। भली प्रकार समर्पण सधते ही वह परमात्मा हमारे अंतःकरण से जागृत होकर उठाने-बैठाने और मार्गदर्शन करने लगते हैं। सद्गुरु का परिचय भी वही देते हैं। सद्गुरु के उपलब्ध होते ही मार्ग प्रशस्त होने लगता है। अंतःप्रेरणा होने लगती है अन्यथा विश्व भर की जानकारियाँ संग्रह करके भी हम भाषा और बुद्धि-कौशल से धार्मिक निर्णय नहीं दे सकते।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 23 November 2018
क्रोध
गुस्से पर काबू रखिए क्योंकि क्रोध से भ्रम पैदा होता है। भ्रम से बुद्धि व्यग्र होती है और जब बुद्धि व्यग्र होती है तब तर्क नष्ट हो जाता है फिर जब तर्क नष्ट होता है तब व्यक्ति का पतन हो जाता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 22 November 2018
संस्कार
लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये इसलिए नहीं कि उनका अधिकार है बल्कि इसलिए कि आपमें संस्कार है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 21 November 2018
समस्याएं
समस्याएं इतनी ताकतवर नहीं हो सकती कि जितना हम इन्हें मान लेते हैं! ऐसा कभी नहीं हुआ है कि अंधेरों ने सुबह ही ना होने दी हो चाहे कितनी भी गहरी काली रात हो उसके बाद तो सुबह होना ही होना है!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 20 November 2018
जल और जंगल
अब भी न हम जागे तो फिर कुछ भी कर न पायेंगे, संकट के दौर से गुजरेंगे अगर हम लड़ न पायेंगे। जब मिलकर धरती के न जल और न जंगल बचा पाए तो चैन से हम न जी पायेंगे और न सुख से मर पायेंगे।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 19 November 2018
कान्हा
भक्ति ऐसी हो कि धड़कन बन जाए, सांस भी लें तो याद कान्हा की आये और नाम का नशा ऐसा आँखों में छाए कि आँख बंद हो तो भी नजर मेरा कान्हा ही आए।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Sunday, 18 November 2018
ब्रह्मज्ञान
ब्रह्मज्ञान के लिए विवाहित या कुंवारा कोई मायने नहीं रखता दोनों ही इसे जान सकते हैैं। बस केवल यही समझना है कि क्या नित्य है और क्या अनित्य है?
।। श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 17 November 2018
असली चरित्र
इंसान का असली चरित्र तब सामने आता है जब वो नशे में होता है चाहे वह नशा शराब, पद, कद, रंग-रूप या दौलत का ही क्यों न हो।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 16 November 2018
पुनर्जन्म
वह जो मेरी सृष्टि की गतिविधियों को जानता है वह अपना शरीर त्यागने के बाद कभी भी जन्म नहीं लेता है क्योंकि वह मुझमें समा जाता है - भगवान श्रीकृष्ण
।। श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 15 November 2018
नीयत
हमारी नीयत से ईश्वर प्रसन्न होते हैं और दिखावे से इंसान। अब यह हमपर निर्भर करता है कि हम किसे प्रसन्न करना चाहते हैं?
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 14 November 2018
मन का ताला
बड़ी बड़ी तिजोरियों के ताले भी कई लोग खोल लेते हैं परंतु एक मन का ताला ही ऐसा है जो श्रीकृष्ण के बिना कोई नहीं खोल सकता।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 13 November 2018
Monday, 12 November 2018
सहनशीलता
उस व्यक्ति की शक्ति का कोई मुकाबला नहीं जिसके पास शक्ति के साथ सहनशक्ति भी हो।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 10 November 2018
वक्त
अच्छा वक़्त सिर्फ उसी का होता है जो कभी किसी का बुरा नहीं सोचते। सुख दुख तो अतिथि है। बारी बारी से आयेंगे चले जायेंगे क्योंकि वो नहीं आयेंगे तो हम अनुभव कहाँ से लायेंगे? जिन्दगी को खुश रहकर जिओ क्योंकि रोज शाम सिर्फ सूरज ही नहीं ढलता आपकी अनमोल जिन्दगी भी ढलती है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 8 November 2018
मनोबल
जीवन में आगे बढ़ना है तो कभी-कभी बहरे हो जाइए क्योंकि अधिकतर लोगों की बातें मनोबल गिरानेवाली ही होती है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 7 November 2018
सफलता
हर सफलता की २ बातें होती हैं –
१.आपको मनचाही चीज पाने के लिए चाहे वह जो भी हो पूरी कीमत चुकानी होगी। आपको फसल काटने से पहले बोना होगा और फसल काटने से पहले आपको लम्बे समय तक काम भी करना पड़ सकता है।
२.पूरी कीमत पहले चुकानी होगी। सफलता
किसी रेस्तरां में जाने की तरह नहीं है जहाँ आप डिनर का आनंद लेने के बाद बिल चुका सकते हैं। अगर आप सफलता चाहते हैं तो आपको हर बार पूरी कीमत चुकाने की जरूरत होती है। जब आप पूरी कीमत चुका देंगे तो सफलता आपके सामने होगी। यह संयोग से नहीं नियम से होता है। आज आप जो जिंदगी जी रहे हैं वह आपके द्वारा अबतक चुकाई गयी कीमत का प्रतिबिम्ब है। आप भविष्य में जिस जीवन का आनंद लेंगे वह उस कीमत का प्रतिबिम्ब होगा जो आप इस समय से लेकर तब तक चुकायेंगे।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 6 November 2018
अवचेतन मन
हमारे सारे अनुभव और जानकारी हमारे अवचेतन में संचित रहते हैं परन्तु जब कभी हम उनका उपयोग करना चाहते हैं तो वे चेतन का हिस्सा बन जाते हैं। सिग्मण्ड फ्रायड के अनुसार हमारी दमित इच्छाएँ एवं विचार अवचेतन में संचित रहते हैं। ये हमारे व्यक्तित्व को बनाते व प्रभावित करते हैं और हमारे व्यवहार एवं आचार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 5 November 2018
जीवन का मर्म
यह सर्वविदित है कि रंगोली दूसरे ही दिन मिटने वाली है फिर भी वो ज्यादा से ज्यादा आकर्षक हो, कलात्मक हो, मनमोहक हो ये हमारी कोशिशें रहती हैं। जीवन भी कुछ रंगोली जैसा ही है। हमें पता है कि रंगोली की तरह जिंदगी भी एक दिन ख़त्म हो जाएगी फिर भी हमें उसे रंगोली की तरह खूबसूरत बनाने की कोशिशें करती रहनी चाहिए।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Sunday, 4 November 2018
शब्दावली
अपनी शब्दावली से भयंकर, भयानक, बेकार और वाहियात जैसे शब्द बाहर निकाल दें। इसके बजाय जबर्दस्त, अद्भुत, शानदार, बेहतरीन और ज़ोरदार जैसे शब्दों का इस्तेमाल करें।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 3 November 2018
इंसानियत
जरुरतमंदों की सेवा करना ही इंसानियत है। मानव जीवन का उद्देश्य है कि अपने मन, वचन और कर्म से औरों की मदद करना। हमेशा यह देखा गया है कि जो लोग दूसरों की मदद करते हैं उन्हें कम तनाव रहता है तथा मानसिक शांति और आनंद का अनुभव होता है। वे अपनी आत्मा से ज़्यादा जुड़े हुए महसूस करते हैं और उनका जीवन संतोषपूर्ण होता है जबकि स्पर्धा से खुद को और दूसरों को तनाव रहता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 2 November 2018
भरोसा
एक बार माफ करके अच्छे बन जाइए लेकिन दुबारा उसी इन्सान पर भरोसा करके बेवकूफ मत बनिए।
।। श्री परमात्मने नमः।।