Tuesday, 15 November 2016

वेदना

बुद्ध के समय में जितनी वेदना बुद्ध ने झेली, समाज ने उनकी परवाह नहीं की। महावीर के कानों में कील ठोक दी गईं, उन्हें भूखो मरने के लिए विवश कर दिया गया, समाज ने उनके महत्त्व को आँका नहीं। आज उन्हें भगवान माना जा रहा है ।

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