Tuesday, 2 October 2018

हमारा कर्म

परमात्मा कभी भी हमारा भाग्य नहीं लिखता। जीवन के हर कदम पर हमारी सोच, हमारे व्यवहार एवं हमारे कर्म ही हमारे भाग्य लिखते हैं।
।। श्री परमात्मने नमः।।

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