Thursday, 11 October 2018

आशाएं

हार गया दिन थक गईं रातें
उलझ गया जीवन खो गई राहें ,
कुछ पाने की धुन भटक गयी आशाएं
सूरज की जिद्द है रौशन जहां बनायें!
।। श्री परमात्मने नमः।।

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