बुढ़ापा कोई दुखद घटना नहीं है! हम जिसे बुढ़ापे की प्रक्रिया कहते हैं वह दरअसल परिवर्तन है! इसका खुशी से स्वागत किया जाना चाहिए! मानव जीवन का हर पहलू उस राह पर आगे की तरफ एक कदम है जिसका कोई अंत नहीं है! हमारे पास ऐसी वृहद शक्तियां हैं जो हमारी शारीरिक शक्तियों की सीमाओं के पार जाती हैं! हमारे पास अद्भुत इंन्द्रिया हैं जो हमारी पाँच शारीरिक इंन्द्रियों की सीमाओं के पार जाती हैं! जीवन आध्यात्मिक और शाश्वत है! हमें कभी बूढ़े होने की जरूरत नहीं है क्योंकि जीवन या ईश्वर कभी बूढ़ा नहीं हो सकता! बाइबल में कहा गया है कि ईश्वर ही जीवन है! जीवन नित नया होने वाला, शाश्वत तथा अविनाशी है और यह सभी लोगों के बारे में सच है! अतः परिवर्तन का स्वागत करें!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 19 October 2018
बुढ़ापा
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