अहसास सभी जब ख़त्म हुए तब प्रीत फ़रेब हुई जग में, दिल से दिल का अब मेल नहीं छल के सब शूल बिछे मग में. मत अश्रु बहा दिल आस जगा अब हिम्मत तू भर ले रग में, ख़ुद से ख़ुद की ख़ुद प्रीत जगा तब मुश्क़िल भी न मिले डग में.
Friday, 7 April 2017
Thursday, 6 April 2017
प्रेम की ज्योति
जंग लड़ रहे आज सब खंजर और तलवार से,
खून खराबे से नहीं जीत मिले बस प्यार से।
स्वार्थ सिद्धि के लिए मनुज मानव का लहू बहा रहा।
प्रेम की ज्योति जलायें तो बस बैर मिटे संसार से।
Wednesday, 5 April 2017
नवरात्रि
गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि संपूर्ण सृष्टि प्रकृतिमय है और वह सिर्फ पुरुष हैं। यानि हम जिसे पुरुष रूप में देखते हैं वह भी आध्यात्मिक दृष्टि से प्रकृति यानि स्त्री रूप है। स्त्री से यहांँ मतलब यह है कि जो पाने की इच्छा रखने वाला है वह स्त्री है और जो इच्छा की पूर्ति करता है वह पुरुष है। ज्योतिष की दृष्टि से चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है क्योंकि इस नवरात्रि के दौरान सूर्य का राशि परिवर्तन होता है। सूर्य 12 राशियों में भ्रमण पूरा करते हैं और फिर से अगला चक्र पूरा करने के लिए पहली राशि मेष में प्रवेश करते हैं। सूर्य और मंगल की राशि मेष दोनों ही अग्रि तत्व वाले हैं इसलिए इनके संयोग में गर्मी की शुरूआत होती है।
Tuesday, 4 April 2017
जय माता दी
चलूं चलूं पूजन करे चैत के महीनमा से उठु-उठु ना,
अइलन मैया मोर दुयरिया से उठु उठु ना...
नाहीं हकै अक्षत चंदन, नाहीं मिसटनमा से किये देवन ना,
अइलन मैया मोर अंगनमा से किये देवन ना.
काम,क्रोध,लोभ,मोह,मद,मत्सरबा से त्यागी दिहो ना,
मैया देथिन तब दरशनमा से त्यागी दिहो ना.
नाहीं जानूं पूजा-पाठ नाहीं धरूँ ध्यनमा से कैसे देथिन ना,
मैया अपन दरसनमा से कैसे देथिन ना..
धरूँ धरूँ धरूँ सबमिल सेवा के बरतबा से खुश होथिन ना,
सुनला मैया के उपदेशवा से खुश होथिन ना.
Monday, 3 April 2017
सत्यं, शिवं, सुन्दरं
सम्राट सपने में सम्राट नहीं रह जाता है और भिखारी सपने में भिखारी नहीं रह जाता है अर्थात् उस सपने की तरह यह संसार भी स्नप्नवत है, सत्य तो बस परमपिता परमात्मा ही हैं, सत्य तो केवल और केवल शिव हैं जो सुंदर भी हैं, बाकी सब माया है.
|| श्री परमात्मने नम: ||
Sunday, 2 April 2017
भूख और पैसा
हे प्रभु! सुख देना तो इतना देना जिससे अहंकार ना आये, दुख देना तो इतना देना जिससे आस्था ना खो जाये क्योंकि हर सूर्यास्त हमारे जीवन से एक दिन कम कर देता है लेकिन हर सूर्योदय हमें आशा भरा एक और दिन दे देता है अंत: हमें भूख और पैसा के चलते विचलित मत करना यही आपसे याचना है।
।।श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 1 April 2017
इष्टदेव
सदा रहे सेवा विनय, मान बड़ाई त्याग |
राम-नाम का काम हो, राम-भक्ति अनुराग ||
बार-बार नमस्कार तुझे, धरणी पर सिर टेक |
राम-राम श्री राम जी, इष्ट देव हैं एक ||