हम जानते हैं कि हम क्या चाहते हैं तो हम निश्चित रूप से नफ़रत, गुस्से, शत्रुता तथा दुर्घटना के विचारों को अपनी शांति, सद्भाव, सेहत और खुशी नहीं लूटने देंगे! जब हम अपने विचारों को जीवन के लक्ष्य के साथ एकाकार करने की आदत सीख लेते हैं तो हम लोगों, परिस्थितियों, खबरों और घटनाओं पर विचलित होना छोड़ देते हैं! हमारा लक्ष्य शांति, सेहत, प्रेरणा, सद्भाव और समृद्धि है! महसूस करें कि शांति की नदी हमारे भीतर इसी समय प्रवाहित हो रही है! हमारा विचार अमूर्त और अदृश्य शक्ति है तथा हम इसका चुनाव खुद को दुआ देने, प्रेरित करने और शांति पाने के लिए करते हैं!
।। श्री परमात्मने नमः।।
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