हम दुनिया की भीड़ में जब निकले तो पता चला कि हर वो शख्स अकेला है जो दूसरों पर भरोसा करता है!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 20 August 2018
भरोसा
Sunday, 19 August 2018
नींद और निंदा
जो लोग नींद व निंदा पर विजय पा लेते हैं उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 18 August 2018
अदृश्य शक्ति
हम जानते हैं कि हम क्या चाहते हैं तो हम निश्चित रूप से नफ़रत, गुस्से, शत्रुता तथा दुर्घटना के विचारों को अपनी शांति, सद्भाव, सेहत और खुशी नहीं लूटने देंगे! जब हम अपने विचारों को जीवन के लक्ष्य के साथ एकाकार करने की आदत सीख लेते हैं तो हम लोगों, परिस्थितियों, खबरों और घटनाओं पर विचलित होना छोड़ देते हैं! हमारा लक्ष्य शांति, सेहत, प्रेरणा, सद्भाव और समृद्धि है! महसूस करें कि शांति की नदी हमारे भीतर इसी समय प्रवाहित हो रही है! हमारा विचार अमूर्त और अदृश्य शक्ति है तथा हम इसका चुनाव खुद को दुआ देने, प्रेरित करने और शांति पाने के लिए करते हैं!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 16 August 2018
Wednesday, 15 August 2018
श्रेष्ठता
ग्रामीण-परिवेश में कुछ लोग मुझसे ज्ञान में श्रेष्ठ हैं, कुछ लोग मुझसे संस्कार में श्रेष्ठ हैं, कुछ लोग मुझसे बल में श्रेष्ठ हैं, कुछ लोग मुझसे धन में श्रेष्ठ हैं, कुछ लोग मुझसे सेवा कार्यो में श्रेष्ठ हैं, कुछ लोग मुझसे भोलेपन में श्रेष्ठ हैं! इसका मतलब है प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी रूप में मुझसे श्रेष्ठ अवश्य हैं! अतः मैं सभी श्रेष्ठ व्यक्तियों को हृदय की गहराइयों से प्रणाम करता हूँ!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 14 August 2018
बुरा वक्त
कभी-कभी बुरा वक़्त भी हमें कुछ अच्छे लोगों से मिलवाने के लिए आता है!
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!!
Monday, 13 August 2018
अभिमान और सम्मान
'अभिमान' तब आता है जब हमें लगता है कि हमने कुछ किया है और 'सम्मान' तब मिलता है जब दुनिया को लगता है कि आपने कुछ किया है!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Sunday, 12 August 2018
समाधान
अगर हमारे सामने कोई मुश्किल स्थिति आ जाए और हमें रास्ता स्पष्ट न दिख रहा हो तो हमें पूर्ण विश्वास के साथ अवचेतन-मन के सुझाए मार्ग का अनुसरण करना होगा! जब हम इस नए मानसिक नजरिए को हासिल कर लेते हैं कि हमारे भीतर का रचनात्मक ज्ञान सुखद समाधान सुझा रहा है तो फिर हमें वह जवाब मिल जाएगा जिसे हम खोज रहे हैं! आश्वस्त रहें कि इसतरह का मानसिक नजरिया हमारे सभी कामों में व्यवस्था, शांति और अर्थ लाएगा!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 11 August 2018
गुरु
प्रश्न:-->
'क्या मैं गुरु के बिना रास्ता नहीं खोज सकता?’
‘मैं इसे खुद क्यों नहीं कर सकता?’
उत्तर:-->
देखिए, आप घड़ी का इस्तेमाल करते हैं न ? मैं आपको घड़ी के सभी पुर्जे दे देता हूँ। आप घड़ी बनाकर दिखाइए। मैं आपको कंप्यूटर या अंतरिक्ष यान बनाने के लिए नहीं कह रहा हूँ। घड़ी जैसी मामूली चीज में आपको पूरा जीवन लग सकता है इसलिए आप घड़ी के लिए घड़ीसाज के पास जाते हैं तो किसी ऐसी चीज के लिए गुरु के पास जाने में आपको क्या समस्या है ?
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 10 August 2018
सोच
ईश्वर या जीवन बीमारी, रोग, दुर्घटना या कष्ट नहीं भेजता है! हम ये चीजें अपने नकारात्मक या विध्वंसात्मक सोच से खुद अपने ऊपर लादते हैं और इस बारे में यही नियम काम करता है, जैसा बोओगे, वैसा काटोगे!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 9 August 2018
सभ्य जगत
कितने युद्ध अभी लड़ने हैं, साँझ उतरती आती है,
अस्पताल-रवि देख कि घायल पीठ नहीं यह छाती है।
करे न जो समझौता दुनिया पागल उसको कहती है,
क्या बतलाऊँ पागलपन की मस्ती कितनी भाती है।
कहते दुनिया स्वर्ग बनी है, नहीं शत्रुता शत्रु कहीं,
आज शत्रुता मित्र-मुखौटा पहन खड़ी मुस्काती है।
महानगर का सभ्य जगत यह जंगल अजब निराला है,
धन-सत्ता के बल पर बकरी भी शेरों को खाती है।
गलत बात यह भौतिक सुख से प्रेम-प्रीति का मेल नहीं,
अब सोने के पिंजरे में ही चिड़िया बढ़िया गाती है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 8 August 2018
दोष सुधार
अगर कोई हमारी आलोचना करे और वास्तव में हमारे भीतर वे कमियां हों तो खुश होकर उसे धन्यवाद दें और उसकी टिप्पणियों की प्रशंसा करें! इससे हमें उस खास दोष को सुधारने का अवसर मिलता है!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 7 August 2018
सोच
कोई भी चीज अच्छी या बुरी नहीं है! इंसान की सोच उसे ऐसा बना देती है! भोजन, सेक्स, दौलत या अच्छी अभिव्यक्ति की इच्छा में कोई बुराई नहीं है! यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम इन इच्छाओं, आकांक्षाओं और हसरतों का प्रयोग कैसे करते हैं! हमारी भोजन की इच्छा किसी की जान लिए बिना भी पूरी हो सकती है!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 6 August 2018
दु:ख का कारण
इच्छाएँ, सपने, उम्मीदें और नाखून इन्हें समय-समय पर काटते रहें अन्यथा ये दुखः का कारण बनते हैं!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Sunday, 5 August 2018
ईर्ष्या
ईर्ष्या के विचार विध्वंसक होते हैं क्योंकि वे हमें नकारात्मक स्थिति में रखते हैं!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 4 August 2018
विश्वास
विश्वास में विष भी है और आस भी है जो स्वयं पर निर्भर करता है कि क्या ग्रहण करना है?
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 3 August 2018
इंसान
ज्ञान से शब्द समझ में आते हैं और अनुभव से अर्थ! इंसान बहुत कमाल का है पसन्द करे तो बुराई नहीं देखता और नफरत करे तो अच्छाई नहीं देखता!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 2 August 2018
उम्मीद
इस उम्मीद से मत फिसलो कि तुम्हें कोई उठा लेगा!
सोचकर मत डूबो दरिया में कि तुम्हें कोई बचा लेगा!!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 1 August 2018
धैर्य और साहस
परमपिता परमात्मा ने हमारे जीवन में किसी भी प्रकार के संकट या अनहोनी के साथ धैर्य और साहस दिया वरना जीवन में निराशा और अंधकार ही रह जाता एवं कभी भी आशा, प्रसन्नता या जीने की इच्छा नहीं होती!
।। श्री परमात्मने नमः।।