प्रजातांत्रिक प्रणाली को धिक्कार....
मत कीजिए इसे इनकार.....
चाहे किसी की हो सरकार.....
संप्रति जनता की यही पुकार......
सरकार क्यों नहीं करती चोरों पर वार .....?
ओ! शायद इनको रहना है दिन-चार.....!
अपने सामान की रक्षा स्वयं करो भाई....
इस पर करो विचार.....!
पीएमओ, डीएम, थानाध्यक्ष को
शिकायत करना भी है बेकार....?
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 28 February 2018
धिक्कार
आधार विद्यालय
आधार विद्यालय : यह विद्यालय गाँवों, छोटे शहरों, टोलों , बसावटों आदि में खोला जाता है जिसके माध्यम से ग्रामीण शिक्षा स्तर एवं शहरी शिक्षा स्तर के बीच में हुई अंतर को मिटाया जाता है। इसी कदम को आगे बढ़ाते हुए ग्राम + पोस्ट + प्रखंड : बिन्द, जिला :नालंदा में ग्रामीण बच्चों के सपने साकार करने के लिए खोला जा रहा है। अगर आप भी अपने क्षेत्र में या गाँवों में आधार विद्यालय के माध्यम से शिक्षा में सुधार लाना चाहतें है तो निम्नलिखित फोन नंबर पर संपर्क कर सकतें हैं ...9631045498, 8986724727, 9470087975
।। श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 27 February 2018
गंदगी
जिस नाले में आप जूठी पत्तलों को देख रहे हैं वह नाला कभी सकरी नदी के नाम से जाना जाता था जो ग्राम+पोस्ट-गोपालबाद, पंचायत-केनार, प्रखंड-सरमेरा, जिला-नालंदा, राज्य-बिहार, पिनकोड- 811104 के वार्ड नंबर 8 और 12 का विभाजक है। यही है स्वचछ-भारत का नमूना..! फिर भी मेरा भारत महान...?
।। श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 24 February 2018
विद्या-मंदिर
रा.म.वि.गोपालबाद, प्रखंड-सरमेरा, जिला-नालंदा में आज की रात शादी की पालकी, पढ़ाई बाधित नहीं होगी हाल की क्योंकि समय है रविवार की, धन्य हो सुशासन के सरकार की....?
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 23 February 2018
प्रभु
तुझसे न मेरा मन कभी हटे
तेरे बिन एक पल न कटे
कानों में वही जाए जो तू कहे
जिंदगी में बस तू ही रहे
आती नहीं करनी मुझे भक्ति
न ही मुझमें करने की है शक्ति
मेरी दुनिया तुझ तक ही रही है
पूरी कर दे मेरी ये विनती
इक खूबसूरत एहसास है तू...
जो हर सांस के साथ महसूस होता है मुझे..
।। श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 22 February 2018
एफआईआर?
सपने हजारों हैं आँखों में पलते
नदियों की धारा हैं आपस में मिलते।
कौन सुनेगा किसे सुनाऊँ ?
विद्या-मंदिर में बारात जो ठहरते।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 21 February 2018
सबका मालिक एक
मैं सामाजिक कार्यकर्ता हूँ और चाहता हूँ कि सबका कल्याण हो। अध्यात्म से मेरा विशेष लगाव है क्योंकि यह सृष्टि परमात्मा की कृति है। मैं देशप्रेमी भी हूँ। प्राकृतिक सौंदर्य भी मेरे मन को अधिक भाता है। मैं कानून के अंदर रहकर कार्य करना पसंद करता हूँ। सामाजिक समरसता से ओतप्रोत राजनैतिक नेता मुझे सर्वाधिक प्रिय हैं।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Tuesday, 20 February 2018
शिव-स्तुति
हे डमरू वाला तेरा है रूप निराला - 2
निखिलेश्वरानंद व्यापक तू मोक्षरूप ब्रह्मानंद
वेदस्वरूप विराजे जग में ब्रह्म रूप सच्चिदानंद
लगा समाधि विभु तुम्हीं को ध्यान धरे नंदलाला,
हे डमरू वाला.....
भेद रहित प्रभु तू है दिगंबर मायारहित तू निर्गुण
दिशा ईशान का ईश्वर है तू सबकुछ तुझपर अर्पण
इच्छा रहित तू सबके स्वामी, कैलाश में डेरा डाला,
हे डमरू वाला.....
निराकार गंभीर कृपालु सबके प्यारे नाथ
गुणागार अखंड अजन्मा बसे भवानी साथ
महाकाल का काल भी तू है तेरा नयन विशाला
हे डमरू वाला....
वाणी, ज्ञान, संसार परे तू गंगा धारे माथ
नीलकंठ इन्द्रियातीत तू त्रिशूल है तेरे हाथ
द्वितीया का चंदा ललाट पे कोटि भानु उजियाला,
हे डमरू वाला...
त्रिगुणातीत दयालु शंकर ओंकार के मूल
जीवों के तीनों शूलों को करता तू निर्मूल
तेजस्वी परमेश्वर सन्मुख, कामदेव लजाला
हे डमरू वाला...
तू चेतन आकाशरूप है त्रिपुरारी विकराल
गौरवर्ण गिरीश सम तेरे गले पड़े हैं व्याल
ओऽम् नमः शिवाय का मंत्र ले जग वाला
हे डमरू वाला....
रूद्र रूप पहने मुंडमाला कुंडल शोभे कान
हे प्रसन्न मुख सच्चिदानंद तुमने किया विषपान
सिंह चर्म का अंबार धारे कैसा है तप वाला
हे डमरू वाला....
कामदेव का शत्रु तू तो करता कल्प का अंत
देता सदा मोह को हरकर सज्जन को आनंद
कालातीत श्रेष्ठ तू भगवन कण-कण में समाला
हे डमरू वाला....
तू कल्याण स्वरूप भाव का भूखा है भगवान
जीव समस्त के अंदर बसता सुंदर भृकुटी तान
जो न भजे तेरे चरणों को जन्म-जन्म पछताला
हे डमरू वाला....
योग जाप पूजा नहीं आता नमस्कार हो शंभो
जरा-जन्म के दुःख समूह से रक्षा कर मेरी शंभो
तुष्टि मिलेगा तुझे दिवाकर ले रुद्राक्ष की माला
है डमरू वाला....
स्वरचित - - >रुद्राष्टक का हिंदी रूपांतर (दिवाकर प्रसाद)
गुरु
प्रश्न
'क्या मैं गुरु के बिना रास्ता नहीं खोज सकता?’
‘मैं इसे खुद क्यों नहीं कर सकता?’
देखिए, आप घड़ी का इस्तेमाल करते हैं न ? मैं आपको घड़ी के सभी पुर्जे दे देता हूँ। आप घड़ी बनाकर दिखाइए। मैं आपको कंप्यूटर या अंतरिक्ष यान बनाने के लिए नहीं कह रहा हूँ। घड़ी जैसी मामूली चीज में आपको पूरा जीवन लग सकता है इसलिए आप घड़ी के लिए घड़ीसाज के पास जाते हैं तो किसी ऐसी चीज के लिए गुरु के पास जाने में या कॉल करने में आपको क्या समस्या है ?
।। श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 17 February 2018
सियासत
कदम-कदम पे अँधेरा है क्या किया जाए
नज़र से दूर सवेरा है क्या किया जाए
जहाँ पे हम हैं उस गाँव का ये आलम है
हरेक शख़्स लुटेरा है क्या किया जाए
जिन्हें मदद की जरूरत है आजकल यारो
उन्हीं पे जुल्म का घेरा है क्या किया जाए
हरेक चेहरे पे चेहरा चढ़ा हुआ है यहाँ
अब उलझनों में चितेरा है क्या किया जाए
जिधर भी जाओ सियासत ने उस तरफ 'दिवाकर'
हवा में ज़हर बिखेरा है क्या किया जाए
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 16 February 2018
ईश्वरीय कृपा
ईश्वरीय कृपा तीन बातों से होती है-
(1) खुशी, रंज और गुस्से में एक-सा रहना।
(2) अमीरी और दरिद्रता में से किसी का
प्रभाव मन पर न आने देना।
(3) बुरी कमाई का धन पेट में न जाने पाये
इसका भय सदा रखना।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 15 February 2018
वर्तमान की महत्ता
वक्त और उम्र किसी का इंतजार नहीं करते। ये अपनी गति से बढ़ते रहते हैं। वक्त हमें पल पल बहुत गहरी सीख देता है लेकिन हम उस सीख को समझने का प्रयास ही नहीं करते और व्यर्थ के झगड़ों व कार्यों में उलझकर अपने समय को बर्बाद करते रहते हैं और जिंदगी के महत्वपूर्ण दिनों को व्यर्थ खोते रहते हैं। व्यक्ति को वक्त के केवल वर्तमान का महत्व देना चाहिए। अतीत के केवल उन्हीं अनुभवों को याद रखना चाहिए जो उसे जीवन के रणक्षेत्र में खड़ा होने के लिए मजबूत बनाते हों और जीवन की धरा पर चलना सिखाते हों।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Wednesday, 14 February 2018
पहरेदार
समा जाते हैं लोग दिल में ऐतबार बनकर,
फिर लूट लेते हैं ख़ज़ाना पहरेदार बनकर।
यकीं करता है इन्सान जिन पे हद से ज्यादा,
डुबो देते हैं वो ही कश्ती मझधार बनकर।
झूठ बिक जाती है पलभर में हजारों के बीच,
सच रह जाता है तन्हा गुनाहगार बनकर।
*श्री परमात्मने नमः*
Tuesday, 13 February 2018
बुराई
बुराई इसलिए नहीं बढ़ गई है कि बुराई करने वाले बढ़ गए हैं बल्कि इसलिए बढ़ गई है कि बुराई सहने वाले बढ़ गए हैं।
*श्री परमात्मने नमः*
विश्वास
दुनियां में लोग दो तरह के लोग होते हैं - एक वे जो कहते हैं कि जब मैं इसे देख लूंगा तभी इस पर विश्वास करुंगा और दूसरे वे जो कहते हैं कि मैं जानता हूं मुझे पहले विश्वास करना होगा तभी मैं इसे देख पांऊगा।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 12 February 2018
विचार
हर चीज़ का उद्गम हमारे मन में ही है और जिसे आप बाहर खोज रहे हैं वह पहले से आपके पास है। कोई भी व्यक्ति किसी विचार को भविष्य में नहीं सोच सकता। किसी चीज़ के बारे में आपका विचार ही उसकी शुरुआत होती है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Sunday, 11 February 2018
नियति के दूत
नियति के दूत यदि आ जांय तो बिहार का कायाकल्प हो जायेगा या उनका अवतरण यदि इस धरा-धाम पर हुआ होगा भी तो दृष्टिगोचर नहीं हो रहे हैं।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Friday, 9 February 2018
बड़ा
ना ही कद बड़ा होता है और ना ही पद बड़ा होता है! बड़ा तो वो होता है जो हमेशा मुसीबत में दूसरों के लिए खड़ा होता है!!
।। श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 5 February 2018
अच्छे विचार
जब भी कोई नकारत्मक विचार आए तो उसे दूर भगा दें। किसी अच्छी चीज़ के बारे में सोचकर नकारात्मक विचार को जड़ें न जमाने दें। ज्यादा से ज्यादा अच्छे विचार सोचें ताकि जल्द ही वे अपने आप आने लगेंगे।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 3 February 2018
मोल-भाव
करते हैं मोल भाव भगवान की मूर्ति खरीदते वक्त और फिर उसी मूर्ति से घर में करोडों मांगते हैं। ये नादानी भी सच में बेमिसाल है क्योंकि अंधेरा दिल में है और दिये मन्दिरों में जलाते हैं।
।। श्री परमात्मने नमः।।