जरुरतमंदों की सेवा करना ही इंसानियत है। मानव जीवन का उद्देश्य है कि अपने मन, वचन और कर्म से औरों की मदद करना। हमेशा यह देखा गया है कि जो लोग दूसरों की मदद करते हैं उन्हें कम तनाव रहता है तथा मानसिक शांति और आनंद का अनुभव होता है। वे अपनी आत्मा से ज़्यादा जुड़े हुए महसूस करते हैं और उनका जीवन संतोषपूर्ण होता है जबकि स्पर्धा से खुद को और दूसरों को तनाव रहता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Saturday, 3 November 2018
इंसानियत
Friday, 2 November 2018
भरोसा
एक बार माफ करके अच्छे बन जाइए लेकिन दुबारा उसी इन्सान पर भरोसा करके बेवकूफ मत बनिए।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Thursday, 1 November 2018
Wednesday, 31 October 2018
Tuesday, 30 October 2018
इरादा
मत सोचिए कि आपका सपना क्यों पूरा नहीं होता, हिम्मत वालों का इरादा कभी अधूरा नहीं होता। जिस इंसान के कर्म अच्छे होते हैं, उनके जीवन में कभी अँधेरा नहीं होता।
।। श्री परमात्मने नमः।।
Monday, 29 October 2018
चापलूस और आलोचक
चापलूस और आलोचक में बस केवल इतना अन्तर है कि चापलूस अच्छा बनकर बुरा करता है और आलोचक बुरा बनकर अच्छा करता है।
।।श्री परमात्मने नमः।।
चाहत
आदमी भगवान से लाखों करोड़ों की चाहत रखता है और जब मंदिर जाता है तो जेब में सिक्के ढूंढता है।
।। श्री परमात्मने नमः।।
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